दार्जिलिंग में भारी बारिश भूस्खलन और पुल टूटने से 13 की मौत, जनजीवन अस्त-व्यस्त
मार्ग अवरुद्ध, रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा

दार्जिलिंग में भारी बारिश भूस्खलन और पुल टूटने से 13 की मौत, जनजीवन अस्त-व्यस्त
दार्जिलिंग: पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में भारी बारिश ने विकराल रूप ले लिया है, जिसके कारण मिरिक-सुखियापोखरी रोड के किनारे भीषण भूस्खलन (Landslide) हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 13 लोगों की मौत की खबर है, हालांकि मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। भूस्खलन में कई घर पूरी तरह से तबाह हो गए हैं और मलबे में दब गए।

मार्ग अवरुद्ध, रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा भूस्खलन के कारण मिरिक-सुखियापोखरी रोड धंस गई है और सड़क पर भारी मलबा आ जाने से रेस्क्यू और राहत कार्यों में बड़ी बाधा आ रही है। कई इलाकों से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है और संचार व्यवस्था (Communication) भी टूट गई है। दार्जिलिंग शहर का भी कई हिस्सों से संपर्क टूट गया है। रेस्क्यू टीमें घटनास्थल से शवों को बाहर निकालने में जुटी हुई हैं।
पुल टूटने से संपर्क टूटा भारी बारिश की वजह से मिरिक में एक लोहे का पुल भी टूट गया है, जिससे कई इलाकों का संपर्क मैदानी क्षेत्रों से कट गया है। पुल का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।

तीस्ता नदी उफान पर, हाईवे बंद लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण तीस्ता नदी (Teesta River) उफान पर है। तीस्ताबाजार के पास बलुखोला में पानी भर जाने से सिलिगुड़ी को सिक्किम और कालिम्पोंग से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण हाईवे पूरी तरह से बंद हो गया है। मलबा आसपास के बाजारों तक भी पहुंच गया है, जिससे कई गाड़ियां मलबे में दब गई हैं।
दार्जिलिंग जिला पुलिस और आपदा प्रबंधन दल प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्यों का नेतृत्व कर रहे हैं







