
गोरेगांव–मुलुंड जोड़ मार्ग परियोजना को मिली रफ्तार
मुलुंड पश्चिम फ्लाईओवर का काम तेज
मुंबई, यश भारत मुंबई महानगरपालिका की महत्वाकांक्षी गोरेगांव–मुलुंड जोड़ मार्ग परियोजना के तहत मुलुंड (पश्चिम) में निर्माणाधीन फ्लाईओवर के कार्य में तेजी आ गई है। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने 4 फरवरी 2026 को स्थल निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को तय समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
मुलुंड (पश्चिम) के खिंडीपाड़ा इलाके में गुरु गोविंद सिंह मार्ग पर उन्नत चक्रीय मार्ग तथा डॉ. हेडगेवार चौक पर केबल-स्टेड संरचना वाला फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। तानसा जलवाहिनी से नाहूर रेलवे पुल तक करीब 1.89 किलोमीटर लंबा यह फ्लाईओवर परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। मुख्य फ्लाईओवर के लिए प्रस्तावित 48 खंभों में से 39 खंभों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 47 में से 10 स्पैन का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है।
इसके अलावा, तानसा जलवाहिनी पर मुख्य फ्लाईओवर के दोनों ओर दो छोटे फ्लाईओवर भी बनाए जा रहे हैं। बांगर ने निर्देश दिए कि उत्तर दिशा में स्थित तानसा जलवाहिनी पर बने छोटे फ्लाईओवर को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 31 मई 2026 तक पूरा कर यातायात के लिए खोल दिया जाए। वहीं, मुलुंड क्षेत्र में गोरेगांव–मुलुंड जोड़ मार्ग परियोजना का संपूर्ण कार्य 15 जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
गोरेगांव–मुलुंड जोड़ मार्ग परियोजना कुल 12.20 किलोमीटर लंबी है, जिसे चार चरणों में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत मुलुंड में ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और गोरेगांव में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे को सीधे जोड़ा जाएगा। परियोजना में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे से गुजरने वाली 4.7 किलोमीटर लंबी जुड़वां सुरंगें, दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी क्षेत्र में 1.60 किलोमीटर लंबा बॉक्स टनल और दोनों ओर फ्लाईओवर का निर्माण शामिल है।
निरीक्षण के दौरान बांगर ने कहा कि वर्तमान में फ्लाईओवर निर्माण के कारण यातायात को संकरे अंडरपास से मोड़ा गया है, जिससे नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में समस्या बढ़ने की आशंका को देखते हुए उत्तर दिशा के छोटे फ्लाईओवर को मानसून से पहले चालू करना जरूरी है, ताकि यातायात सुचारु हो सके।
इसके बाद बांगर ने गोरेगांव स्थित दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी परिसर में जुड़वां सुरंगों के लिए बनाए जा रहे लॉन्चिंग शाफ्ट का भी निरीक्षण किया। यहां अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन के जरिए मार्च 2026 के पहले सप्ताह में सुरंग खुदाई का कार्य शुरू करने की योजना है।







