
गोरेगांव हार्बर लाइन सेवाएं तीन महीने तक रह सकती हैं बाधित,3–4 लाख यात्रियों पर पड़ेगा असर
मुंबई, यश भारत मुंबई के लोकल यात्रियों के लिए आने वाले कुछ महीने मुश्किल भरे हो सकते हैं। पश्चिम रेलवे लंबे समय से लंबित एक अहम इंफ्रास्ट्रक्चर योजना को फिर से शुरू करने की तैयारी में है, जिसके तहत बांद्रा और गोरेगांव के बीच हार्बर लाइन की प्रमुख लोकल ट्रेन सेवाएं कम से कम तीन महीने के लिए निलंबित की जा सकती हैं। इससे रोजाना यात्रा करने वाले करीब 3 से 4 लाख यात्रियों पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।
इस योजना के केंद्र में बांद्रा और खार के बीच स्थित रेलवे ब्रिज है, जिस पर फिलहाल लोकल ट्रेनें चलती हैं। इस पुल को तोड़कर दोबारा बनाया जाएगा ताकि सांताक्रूज़–मुंबई सेंट्रल कॉरिडोर पर बहुप्रतीक्षित पांचवीं और छठी रेलवे लाइन बिछाई जा सके। इन नई लाइनों का उद्देश्य उपनगरीय लोकल ट्रेनों और लंबी दूरी की ट्रेनों को अलग करना है, जिससे समयपालन और संचालन व्यवस्था में सुधार होने का दावा रेलवे अधिकारियों ने किया है।
कौन-सी ट्रेनें होंगी प्रभावित
सबसे ज्यादा असर हार्बर लाइन के बांद्रा–गोरेगांव सेक्शन पर पड़ेगा। इस रूट पर वर्तमान में पश्चिम रेलवे 88 लोकल ट्रेनें गोरेगांव–सीएसएमटी और 106 लोकल ट्रेनें बांद्रा–सीएसएमटी के बीच चलाती है। शटडाउन के दौरान गोरेगांव–सीएसएमटी सेवाओं में भारी कटौती की जाएगी और अधिकतर ट्रेनें बांद्रा तक ही सीमित रह सकती हैं। भीड़ को संभालने के लिए बांद्रा–सीएसएमटी सेक्शन पर अतिरिक्त सेवाएं बढ़ाने की योजना है।
शटडाउन कब से होगा
फिलहाल ब्रिज को गिराने और काम शुरू करने की अंतिम तारीख तय नहीं हुई है। पश्चिम रेलवे के एक अधिकारी ने बताया, “अभी तारीख तय नहीं हुई है और योजना के विभिन्न पहलुओं पर काम चल रहा है। यात्रियों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।”
यात्रियों को क्या झेलना पड़ सकता है
यदि यह तीन महीने का शटडाउन लागू होता है तो यात्रियों को लंबा सफर समय, वैकल्पिक मार्गों पर भीड़, और कनेक्टिंग ट्रेनों व सड़क परिवहन पर बढ़ती निर्भरता का सामना करना पड़ सकता है, खासकर पश्चिमी उपनगरों से रोज ऑफिस जाने वालों के लिए।







