गोरखपुर एसडीएम ने गंगासागर तालाब में भराई और निर्माण कार्य पर लगाई रोक, सीमांकन के निर्देश

जबलपुर, : अनुविभागीय राजस्व अधिकारी (एसडीएम) गोरखपुर ने गंगासागर तालाब की भूमि पर किसी भी प्रकार की भराई, निर्माण कार्य और उसके स्वरूप में बदलाव पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह आदेश तालाब की भूमि का सीमांकन कार्य पूरा होने तक प्रभावी रहेगा। एसडीएम अनुराग सिंह ने तहसीलदार गोरखपुर को संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर तालाब की भूमि का सीमांकन करने का निर्देश भी दिया है।
यह आदेश तहसीलदार गोरखपुर से प्राप्त एक रिपोर्ट के आधार पर जारी किया गया है। तहसीलदार ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि मौजा गंगासागर स्थित तालाब की सीमा से लगे खसरा नंबर 33, 34, 36/2, 37, 38, 39, 42, 43, 44, और 48 की भूमि पर श्रीमती चैताली शाह, हुब्बीलाल, रोहित शाह, चिराग शाह, शम्भु प्रसाद, मनीष दुबे, अनु फौजदार, राजेश प्रवीणचंद शाह, पीयूष शाह और श्रीमती प्रीति विनोद डेढ़िया द्वारा तालाब के पानी भराव क्षेत्र के आसपास भराई की जा रही है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि तालाब के आसपास का यह क्षेत्र टीएनसीपी (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) में ‘एफारेस्टेशन’ (वृक्षारोपण) मद में दर्ज है, और इसके एक बड़े हिस्से में भराई की जा चुकी है।
एसडीएम गोरखपुर ने तहसीलदार को आदेश जारी होने के तीन दिनों के भीतर एक टीम गठित कर और संबंधित व्यक्तियों को सूचित कर राजस्व अभिलेखों के अनुसार सीमांकन करने और स्थायी सीमा चिन्ह स्थापित करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, टीएनसीपी नक्शे के अनुसार तालाब के चारों ओर एफारेस्टेशन मद हेतु निर्धारित खसरों के क्षेत्रफल का मौके पर चिन्हांकन करने के लिए भी कहा गया है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि सीमांकन की कार्यवाही पूरी होने के बाद, तालाब की भूमि पर पाए गए अतिक्रमणों की सूचना नगर निगम को दी जाएगी। नगर निगम को तहसीलदार से प्राप्त सूचना के आधार पर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि टीएनसीपी एफारेस्टेशन मद हेतु चिह्नित स्थलों का उपयोग उनके निर्धारित प्रयोजन से भिन्न पाया जाता है, तो तहसीलदार नगर निगम को आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचित करेंगे।
एसडीएम ने जिला खनिज अधिकारी को गंगासागर तालाब के समीपस्थ खसरों में भराई के लिए उपयोग की गई मिट्टी या मुरूम को जब्त करने का निर्देश भी दिया है। वैध दस्तावेज न होने की स्थिति में, जब्त की गई मिट्टी या मुरूम का निस्तारण कर प्राप्त राशि को शासन के खाते में जमा करने के लिए कहा गया है।







