ईरानी डेरे में 400 जवानों की सर्जिकल स्ट्राइक में रुपये 1 करोड़ का सोना जब्त

ईरानी डेरे में 400 जवानों की सर्जिकल स्ट्राइक में रुपये 1 करोड़ का सोना जब्त
भोपाल, यशभारत। निशातपुरा इलाके के कुख्यात ‘ईरानी डेरे’ में बुधवार रात पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के नेतृत्व में 8 एसीपी, 16 टीआई और करीब 400 पुलिसकर्मियों की भारी फौज ने पूरे इलाके को घेरकर कॉम्बिंग गश्त की। इस मेगा ऑपरेशन में पुलिस ने 39 आरोपियों को दबोचा है, जिनमें 8 महिलाएं शामिल हैं। छापेमारी में करोड़ों का मशरूका और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं।
छावनी में बदला डेरा, पुलिस ने तोड़ा अपराधियों का चक्रव्यूह
आगामी त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा पुख्ता करने के लिए पुलिस ने रात के अंधेरे में ईरानी डेरे की घेराबंदी की। यह इलाका लंबे समय से अंतरराज्यीय अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बना हुआ था। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि दूसरे राज्यों की पुलिस जब भी यहाँ दबिश देने आती थी, तो स्थानीय लोग हिंसक विरोध कर अपराधियों को भगा देते थे। इसी ‘सुरक्षा कवच’ को तोड़ने के लिए भोपाल पुलिस ने रणनीतिक तरीके से हमला बोला और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया।
खजाने और नशे का जखीरा बरामद
जब पुलिस ने संदिग्ध ठिकानों की तलाशी ली, तो वहां का नजारा देख अधिकारी दंग रह गए। पुलिस ने बरामद किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ₹1 करोड़ की कीमत का करीब 644 ग्राम सोना और 240 ग्राम चांदी। चोरी की 17 मोटरसाइकिलें और 8 लाख रुपये मूल्य के 39 मोबाइल फोन। तलाशी के दौरान ₹1.34 लाख की नकदी मिली। करोंद निवासी नजमा के पास से 1 किलो 700 ग्राम गांजा जब्त किया गया, जिस पर NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है।
₹1.30 लाख का इनामी डकैत गिरफ्तार, काला ईरानी फरार
इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी सफलता शहादत हुसैन उर्फ शादाब की गिरफ्तारी रही। शादाब पर यूपी के प्रतापगढ़ और राजगढ़ सहित कई जिलों में लूट और धोखाधड़ी के मामले दर्ज थे और उस पर ₹1.30 लाख का इनाम था। हालांकि, गिरोह का मुख्य सरगना काला ईरानी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस पर हमला करने वालों की खैर नहीं
कार्रवाई के दौरान भीड़ ने पुलिस को रोकने और आरोपियों को छुड़ाने की कोशिश की। पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकारी काम में बाधा डालने वाले 31 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पकड़े गए आरोपियों में कुछ बुजुर्ग भी शामिल हैं, जो गिरोह को संरक्षण देने का काम करते थे।






