भोपाल

कमजोर जगह पर ही बना दिया फुटपाथ, दबाव से धंस गई सडक़ 

कमजोर जगह पर ही बना दिया फुटपाथ, दबाव से धंस गई सडक़
– 23 साल पहले पीब्डल्यूडी को मिल चुकी थी सडक़ नहीं हो सका मेंटनेंस
भोपाल यशभारत। एमपी नगर जोन वन में स्थित ज्योति टॉकीज चौराहा की रोड की सडक़ धंसने के मामले के लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। दरअसल जिस जगह पर गड्ढा हुआ है वहां पर मिट्टी कई समय से धंस रही थी, लेकिन इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। 23 साल पहले ही सीपीए ने पीब्ल्यूडी को सडक़ सौंप दी थी। फुटपाथ भी इसी जगह पर बना दिया गया। लोगों की लगातार आवाजाही के कारण रोड भार सहन नहीं कर सकी। राजधानी विकास परियोजना (सीपीए) ने पीडब्ल्यूडी को साल 2002 को सौंपी थी। पीडब्ल्यूडी के अफसरों का दावा है कि लगातार मेंटनेंस किया जा रहा था, लेकिन अचानक धंसी रोड ने अधिकारियों के दावे की पोल खोलकर रख दी है। एसडीए एके खरे का कहना है कि सडक़ का सुधार कार्य कराने के लिए पीडब्लयूडी के अफसरों से चर्चा की गई है। फिलहाल गड्ढे के आसपास पास बैरीकेट्स लगा दिए गए हैं व पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई है।
जाम के बन रहे हालात
जिस सडक़ पर ये गड्ढा हुआ है, वह शहर की सबसे व्यस्त सडक़ों में से एक है। हादसे के बाद यहां जाम के हालात बन रहे हैं, शुक्रवार को भी अवागाम बाधित रहा। गुरुवार को सडक़ धंसने की जानकारी लगने के बाद एसडीएम एलके खरे मौके पर पहुंचे थे। वहीं कांग्रेस नेता धरने पर बैठ गए थे। कांग्रेस नेताओं ने अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के अरोप लगाए हैं। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अभिनव बरोलिया का कहना है कि पीडब्ल्यूडी का भ्रष्टाचार का जीता जागता नमूना है। जब हादसा हुआ, तब मैं यहां से गुजर रहा था। यदि कोई कार यहां से गुजरती तो पूरा परिवार हादसे का शिकार हो सकता था। बरोलिया ने मांग की है कि सडक़ निर्माण एजेंसी से जुड़े अफसरों पर कार्रवाई होना चाहिए।
लोगों में फैल गई थी दहशत
एमपी नगर जोन वन में स्थति ज्योति टॉकीज चौराहा की रोड का एक हिस्सा गुरुवार दोपहर के समय अचानक धंस गया। अचानक हुई घटना से वाहन चालकों में हडक़ंप मच गया था। दरअसल जिस जगह से रोड धंसी वहां पर यातायात का भारी दबाव रहता है। ऐसे में रोड धंसने से बड़ गड्ढा हो गया है। बारिश की मार रोड नहीं झेल सकी है। लोगों का कहना है कि रोड को अच्छी गुणवत्ता के साथ नहीं बनाया गया है। यदि कोई वाहन निकल रहा होता और उस समय रोड धंसी होती तो बड़ी दुर्घटना भी हो सकती थी।
सडक़ निर्माण को लेकर लोगों का कहना कि जिस भी संबंधित एजेंसी ने इस रोड का निर्माण कराया है उसकी जांच की जानी चाहिए।
निर्माण कार्यों में आ चुकी है लापरवाही राजधानी भोपाल में इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल ही में ऐशबाग स्थित ब्रिज निर्माण की डिजाइन को लेकर देश भर में भोपाल का मजाक उड़ चुका है। वहीं चूनाभट्टी में भी रोड का डामर बारिश की मार नहीं झेल सका है। इसके बाद व्यस्ततम मार्ग की रोड के एक बड़े हिस्से को धंसने को लेकर कार्यशैली पर सवालिया निशान लग रहे हैं।

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