अयोध्या में रामलला के सूर्य तिलक से पहले सूर्य मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण
अयोध्या ,ईएमएस

अयोध्या में रामलला के सूर्य तिलक से पहले सूर्य मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण
अयोध्या ,ईएमएस। अयोध्या में रामनवमी पर राम मंदिर परिसर के परकोटे में स्थित सूर्य देव के मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया गया। अयोध्या के 20 साधु-संतों की मौजूदगी में धार्मिक अनुष्ठान के साथ यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह ध्वजारोहण रामलला के सूर्य तिलक से पहले किया गया है। राम मंदिर ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने बताया कि परिसर में कुल आठ शिखर हैं। इनमें अब तक दो मंदिरों के शिखर पर ध्वजारोहण हो चुका है। शुक्रवार दोपहर 12 बजे रामलला का सूर्य तिलक किया गया। 4 मिनट तक सूर्य की किरणें रामलला के ललाट पर पड़ती रही । पहली बार 2024 में रामलला का सूर्यतिलक हुआ था। बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने 24 मार्च (मंगलवार) को राम मंदिर में लगाए गए उपकरणों का परीक्षण किया था। इससे पहले, सुबह रामलला की आरती गई। भगवान को पीतांबर वस्त्र पहनाए गए। गर्भगृह को फूलों से सजाया गया है। 10 हजार मंदिरों में रामनवमी मनाई जा रही है। 10 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने का अनुमान है। अभी हर दिन औसतन 70 हजार श्रद्धालु दर्शन करते हैं।
राम नवमी पर आम दिनों के मुकाबले भक्त 3 घंटे ज्यादा रामलला के दर्शन कर पाएंगे। श्रद्धालु सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक दर्शन करेंगे। पहले सुबह 6.30 से रात 9.30 तक दर्शन होते थे। रामलला के जन्म के बाद उन्हें 56 तरह के व्यंजन का भोग लगेगा। इसमें फलाहार, कुट्टू और सिंघाड़े के आटे के साथ धनिया और राम दाना की पंजीरी से भोग लगाया जाएगा। यह करीब 10 क्विंटल होगा, जो बाद में श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में बांटा जाएगा।







