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किसानों को मिलेगी पर्याप्त खाद: जबलपुर में थोक-फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश, कालाबाजारी पर नकेल

 

 

जबलपुर, : जबलपुर जिले में किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। कलेक्टर दीपक सक्सेना के निर्देशानुसार, जिले के थोक एवं फुटकर उर्वरक विक्रेताओं की इस बैठक में होलसेल डीलरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे उर्वरकों की सप्लाई सिर्फ जिले के फुटकर विक्रेताओं को ही करें। साथ ही, किसानों को निर्धारित दर पर ही खाद उपलब्ध कराने की सख्त हिदायत दी गई।

 

अनावश्यक भंडारण और स्टॉक में गड़बड़ी पर कार्रवाई की चेतावनी

 

कलेक्ट्रेट स्थित उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास कार्यालय में संपन्न हुई इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए उप संचालक कृषि डॉ. एस.के. निगम ने उर्वरक विक्रेताओं को अनावश्यक रूप से खाद का भंडारण न करने की कड़ी हिदायत दी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) मशीन में प्रदर्शित स्टॉक और भौतिक स्टॉक में किसी भी प्रकार की भिन्नता नहीं होनी चाहिए। किसानों को पीओएस मशीन से बायोमेट्रिक आधार पर ही उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश भी थोक एवं फुटकर विक्रेताओं को दिए गए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

 

टैगिंग और नकली खाद पर रोक: नैनो यूरिया के फायदे बताने के निर्देश

 

डॉ. निगम ने उर्वरकों के साथ किसी अन्य कृषि आदान की टैगिंग (अनिवार्य खरीद) न करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने उर्वरक विक्रेताओं से कहा कि वे नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के इस्तेमाल से होने वाले फायदों को किसानों के बीच जरूर प्रसारित करें, लेकिन उर्वरक के साथ इनकी भी टैगिंग न की जाए

उन्होंने दोहराया कि किसानों को निर्धारित दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए और चेतावनी दी कि निर्धारित दर से अधिक पर उर्वरक बेचे जाने की शिकायतों पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।

 

जिले के बाहर सप्लाई पर वैधानिक कार्रवाई

 

उप संचालक कृषि ने होलसेल डीलरों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि उन्हें प्राप्त उर्वरकों की सप्लाई केवल जिले के फुटकर विक्रेताओं को ही की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले के बाहर के फुटकर विक्रेताओं को उर्वरक प्रदाय किए जाने की स्थिति में संबंधित थोक विक्रेताओं के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। डॉ. निगम ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जिस भी रिटेलर को थोक विक्रेता उर्वरक दे रहे हैं, उस रिटेलर के पास थोक विक्रेता का ‘ओ’ फार्म अनिवार्य रूप से लाइसेंस में जुड़ा हो।

बैठक में नकली या अमानक उर्वरक का विक्रय न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी उर्वरक विक्रेताओं को दिए गए। उनसे कहा गया कि यदि ऐसा कहीं पाया जाता है तो तत्काल इसकी सूचना कृषि अधिकारियों को दी जाए, ताकि दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध त्वरित कार्यवाही की जा सके। बैठक में खाद-बीज विक्रेता संघ की जिलाध्यक्ष जयेश ओझा एवं प्रांतीय अध्यक्ष आनंद कपूर भी मौजूद थे।

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