भोपालमध्य प्रदेश

फर्जी ‘पीएमओ’ अधिकारी ने इंजीनियर को बनाया शिकार, फर्जी आईबी अधिकारी बनकर 15 लाख ठगे

आईडी में 'राजेश' और आधार में 'आफताब' नाम मिलने पर खुला फ्रॉड, मुख्य आरोपी फरार

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फर्जी ‘पीएमओ’ अधिकारी ने इंजीनियर को बनाया शिकार, फर्जी आईबी अधिकारी बनकर 15 लाख ठगे
आईडी में ‘राजेश’ और आधार में ‘आफताब’ नाम मिलने पर खुला फ्रॉड, मुख्य आरोपी फरार

भोपाल,यशभारत: राजधानी के मिसरोद इलाके में एक बड़ा ठगी का मामला सामने आया है, जहां खुद को पीएमओ और क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया से जुड़ा बताने वाले एक गिरोह ने एक केमिकल इंजीनियर को क्यूसीआई में चेयरमैन बनाने का झांसा देकर 15 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के एक सदस्य, जो फर्जी आईबी अधिकारी बनकर सत्यापन (वेरिफिकेशन) के लिए आया था, उसे गिरफ्तार कर लिया है।

ऐसे दिया घटना को अंजाम

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सागर कॉलोनी के रहने वाले आशीष कुलश्रेष्ठ (40), जो प्राइवेट क्वालिटी इंस्पेक्शन का काम करते हैं, उनकी मुलाकात दिल्ली में आमोद पाठक नामक व्यक्ति से हुई। पाठक ने खुद को पीएमओ और क्यूसीआई से जुड़ा बताया और आशीष का परिचय अपने साथी नवीन से कराया। प्रोफाइल लेने के बाद, कुछ दिनों में ही आशीष को यह कहकर झांसा दिया गया कि उनकी प्रोफाइल पीएमओ में सिलेक्ट हो गई है और नियुक्ति के लिए 20 लाख रुपये का खर्च आएगा। आशीष ने विश्वास करके आमोद के खाते में 15 लाख रुपये जमा कर दिए।

फर्जी वेरिफिकेशन और खुलासा

पैसे मिलने के बाद, गिरोह ने आशीष के घर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के लिए आफताब आलम नामक एक युवक को फर्जी आईबी अधिकारी बनाकर भोपाल भेजा। 3 दिसंबर को जब आफताब आशीष के घर पहुंचा (जबकि आशीष उस समय गोवा में थे), तो उसके सवाल-जवाब और पहचान की प्रक्रिया से परिजन असहज हो गए। परिजनों का शक तब गहरा गया जब उन्होंने आफताब के दस्तावेज़ों की जाँच की। उसके आईडी कार्ड में नाम राजेश कुमार था, जबकि आधार कार्ड में नाम आफताब आलम निकला। पूछताछ करने पर वह सही जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद परिजन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, और पुलिस ने आफताब को मौके से हिरासत में ले लिया।

आफताब पहले भी फ्रॉड में शामिल

पुलिस के अनुसार, गुरुवार को भोपाल लौटने के बाद आशीष कुलश्रेष्ठ ने एफआईआर दर्ज कराई। गिरफ्तार आरोपी आफताब को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 5 दिन की पुलिस रिमांड मिली है। पूछताछ में आफताब ने कबूल किया है कि वह पहले भी सरकारी नौकरी दिलाने वाले फ्रॉड नेटवर्क में शामिल रहा है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी आमोद पाठक और नवीन, जिन्होंने पीड़ित से दिल्ली में परिचय बढ़ाया था, फिलहाल फरार हैं। पुलिस दोनों मुख्य आरोपियों की तलाश और उनके पूरे नेटवर्क की जानकारी खंगाल रही है।

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