घमापुर में मेले के नाम पर लाखों की बिजली चोरी!….पुलिस–बिजली विभाग की साठगांठ से ठेकेदार ने किया राजस्व का नुकसान, जनता की जान पर डाला खतरा

जबलपुर यश भारत । घमापुर क्षेत्र में आयोजित मेले का ठेका लेने वाले ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगे हैं। डीबी क्लब जीसीएफ स्टेट में महज़ 1.5 लाख रुपये के ठेके के बावजूद ठेकेदार ने बिजली विभाग और पुलिस अधिकारियों की कथित मिलीभगत से लाखों की बिजली चोरी कर डाली। आरोप है कि ठेकेदार ने डायरेक्ट कनेक्शन जोड़कर पूरे मेले की लाइटिंग और उपकरणों को चलाया।
सुरक्षा से खिलवाड़
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि मेले में लगाई गई अवैध बिजली लाइनें लोगों के जीवन के लिए बड़ा खतरा बनीं। खुले तार और असुरक्षित कनेक्शन से करंट लगने की आशंका बनी रही। बावजूद इसके, पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। लोगों का कहना है कि यह लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्यौता देने जैसी थी।

राजस्व को करोड़ों का नुकसान
बिजली विभाग की अनदेखी और मिलीभगत के चलते न केवल आम जनता की सुरक्षा खतरे में पड़ी, बल्कि सरकार को भारी राजस्व नुकसान भी हुआ। जानकारों का कहना है कि ऐसे मेलों में बिजली का खर्च लाखों रुपये तक पहुंचता है, जबकि विभाग को नाम मात्र की राशि मिलती है।

अधिकारियों पर सवाल
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि ठेकेदार की इस हरकत पर पुलिस और बिजली विभाग की सीधी साठगांठ है। यदि दोनों विभाग चाहें तो ऐसी चोरी असंभव है। लेकिन शिकायतों के बावजूद न तो कोई कार्रवाई की गई और न ही किसी अधिकारी ने मौके का निरीक्षण किया।
नागरिकों की मांग
क्षेत्रवासियों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि मेले के नाम पर खुलेआम लूट और सरकारी राजस्व चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।







