बुक स्टॉल पर बिक रहीं थी एनसीईआरटी की डिप्लीकेट पुस्तकें -संगठन की टीम व पुलिस ने छापा मारकर 350 डुप्लीकेट पुस्तकें बरामद की

बुक स्टॉल पर बिक रहीं थी एनसीईआरटी की डिप्लीकेट पुस्तकें
-संगठन की टीम व पुलिस ने छापा मारकर 350 डुप्लीकेट पुस्तकें बरामद की
भोपाल, यशभारत।
राजधानी के पुराने शहर में एक बुक स्टॉल पर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) भारत सरकार के नाम से डुप्लीकेट पुस्तकें बिक रहीं थी। एनसीईआरटी की टीम और पुलिस ने कल बुक स्टॉप पर छापा मार कार्रवाई कर 350 डुप्लीकेट पुस्तकें बरामद की है। बुक स्टॉप का संचालक ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रकाशित होने वाली पुस्ताकों को कॉपी कर बेच रहा था, जिससे भारत सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी बुक स्टॉल संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी और कॉपी राइट एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
कोतवाली थाना के एसआई गणेश लाल ने बताया कि प्रकाश वीर सिंह न्यू दिल्ली स्थित राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय तहत स्वायत्त संगठन में सहायक उत्पाद अधिकारी हैं। उन्हें सूचना मिली थी कि कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित मोती मस्जिद के पास राजीव प्रकाशन पर एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित कक्षा 9 से 12 तक की डुप्लीकेट पुस्तकें बेची जा रहीं थी। इस पर संगठन की टीम और पुलिस ने मिलकर कल राजीव प्रकाशन पर छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरानर बुक स्टॉल से एनसीईआरटी की 49 प्रकार की 350 डुप्लीकेट पुस्तकें बरामद की हैं, जिनकी कीमत करीब 41 हजार रूपए है। पुलिस ने डुप्लीकेट पुस्तकें बेचने वाले कोतवाली रोड निवासी आरोपी अमित खण्डेलवाल(47) के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का केस दर्ज किया है। आरोपी संगठन द्वारा प्रकाशित पुस्तकों की कॉपी कर मार्केट में खुलेआम बेच रहा था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।







