
IIITDM जबलपुर के दीक्षांत समारोह में डॉ. अमन सिंह राजपूत को दो प्रतिष्ठित सम्मान
डायरेक्टर का गोल्ड मेडल और प्रोफिशिएन्सी प्राइज – सिल्वर मेडल से सम्मानित
जबलपुर। राष्ट्रीय महत्व के संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (IIITDM) जबलपुर के तेरहवें दीक्षांत समारोह में डॉ. अमन सिंह राजपूत को दो प्रमुख सम्मानों से नवाज़ा गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनिल काकोडकर, संस्थान के विज़िटिंग ऑब्ज़र्वर ग्रुप के चेयरमैन दीपक घैसास और एवीएन संस्थान के निदेशक प्रो. भारतेंदु कुमार सिंह उपस्थित रहे।
संस्थान की चयन समिति ने शैक्षणिक, अनुसंधान एवं सह-पाठयक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट सर्वांगीण प्रदर्शन के आधार पर डॉ. अमन को “डायरेक्टर का गोल्ड मेडल (2024–25)” प्रदान किया। यह पदक पीएच.डी., एम.टेक. और एम.डेस के समस्त उत्तीर्ण छात्रों में सर्वोच्च उपलब्धि के लिए दिया जाता है।
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इसके साथ ही मैकेनिकल इंजीनियरिंग में उनके शोधकार्य को उत्कृष्ट मानते हुए उन्हें “IIITDM प्रोफिशिएन्सी प्राइज़ – सिल्वर मेडल (2024–25)” भी दिया गया। यह सम्मान विभाग में सर्वश्रेष्ठ पीएच.डी. शोधप्रबंध के आधार पर प्रदान किया जाता है।
डॉ. अमन का शोध डीज़ल इंजन में बायोडीज़ल, नैनो-एडिटिव्स और हाइड्रोजन के मिश्रित उपयोग द्वारा ऊर्जा, एक्सर्जी, उत्सर्जन एवं स्थिरता प्रदर्शन में सुधार पर केंद्रित रहा है। उनके शोधपत्र अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हुए हैं और औद्योगिक उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण संभावनाएँ रखते हैं।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. अमन सिंह राजपूत ने कहा—
“यह मेरे लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि मेरी वर्षों की मेहनत, लैब में बिताई रातों और सीखने की निरंतर प्रक्रिया का परिणाम है। मैं अपने माता-पिता, परिवार, गुरुजनों और विशेष रूप से अपने सुपरवाइज़र डॉ. तुषार चौधरी का आभारी हूँ। यह सम्मान मुझे समाज और अनुसंधान जगत में बेहतर योगदान के लिए प्रेरित करता है।”
डॉ. अमन के पिता, उप निरीक्षक रामेश्वर सिंह राजपूत, जिला सिवनी पुलिस में पदस्थ हैं। पुत्र की उपलब्धि से परिवार और परिचितों में प्रसन्नता का माहौल है। संस्थान ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए आशा व्यक्त की कि वे स्वच्छ ऊर्जा और सतत इंजीनियरिंग समाधान विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।







