डरें न हर्निया से 24 घंटे में होंगे स्वस्थ
आधुनिक तकनीक से आसान हुआ ऑपरेशन, डॉ. दिगंत पाठक

जबलपुर,यशभारत । यशभारत प्राइम टाइम कार्यक्रम में जबलपुर के प्रतिष्ठित सर्जन डॉ. दिगंत पाठक ने हर्निया जैसी आम लेकिन गंभीर बीमारी पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि हर्निया आजकल तेजी से बढ़ रही समस्या है, जो किसी भी उम्र में हो सकती है—नवजात शिशु से लेकर बुजुर्ग तक। डॉ. पाठक ने बताया कि हर्निया कई प्रकार का होता है, जैसे इंसीजनल, नाभि (अंबिलिकल) और इंग्वाइनल हर्निया। महिलाओं में नाभि वाला हर्निया ज्यादा देखने को मिलता है, जबकि पुरुषों में जांघ और अंडकोष के पास होने वाला हर्निया सामान्य है। इसका मुख्य कारण शरीर की मांसपेशियों का कमजोर होना और फैट का बढ़ना है।
.jpeg)
उन्होंने स्पष्ट किया कि हर्निया का इलाज केवल सर्जरी है और इसे टालना खतरनाक हो सकता है। यदि समय पर इलाज न कराया जाए तो स्थिति जटिल हो सकती है। हालांकि, आधुनिक तकनीक के चलते अब हर्निया का ऑपरेशन काफी आसान हो गया है।डॉ. पाठक के अनुसार, आजकल दूरबीन (लैप्रोस्कोपिक) विधि से सर्जरी की जा रही है, जिसमें बड़े चीरे की जरूरत नहीं होती। सिर्फ 3-4 छोटे छेद के जरिए ऑपरेशन किया जाता है, जिससे मरीज को कम दर्द होता है और रिकवरी तेजी से होती है। अधिकांश मामलों में मरीज 24 घंटे के भीतर अस्पताल से छुट्टी पा सकता है। उन्होंने बताया कि सर्जरी के दौरान विशेष प्रकार की जाली (मेश) लगाई जाती है, जिससे हर्निया दोबारा होने की संभावना काफी कम हो जाती है। जाली का चयन हर्निया के प्रकार और सर्जरी की विधि पर निर्भर करता है।
डॉ. पाठक ने लोगों को सलाह दी कि हर्निया के लक्षण दिखते ही विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें और इलाज में देरी न करें। सही समय पर इलाज कराने से कम खर्च में बेहतर परिणाम मिलते हैं। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि अनुभवी सर्जन द्वारा सही तकनीक का चयन ही सफल सर्जरी की कुंजी है।







