भोपालमध्य प्रदेश

सीएस, दूसरे कार्यकाल का पहला दिन प्रशासनिक फेरबदल की सुगबुगाहट

दूसरी पारी में प्रशासनिक कसावट लाएंगे मुख्य सचिव अनुराग जैन,एक दर्जन से अधिक सचिव स्तर के अधिकारियों के पास है अतिरिक्त प्रभार

भोपाल, यश भारत।मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को सरकार ने एक साल का कार्यकाल विस्तार दिया है। उनके कार्यकाल विस्तार के साथ ही प्रदेश प्रशासनिक हलकों में बड़े स्तर पर फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि लंबे समय से लंबित तबादलों पर अब जल्द ही मुहर लग सकती है। गौरतलब है कि यश भारत ने उनकी नियुक्ति के समय ही बताया था कि प्रशासनिक कसावट और कार्यकुशलता सुनिश्चित करने के लिए उन्हें यह विस्तार दिया जाएगा। अब उनकी दूसरी पारी की शुरुआत के पहले ही दिन इस दिशा में कदम बढ़ाए जाने की संभावना प्रबल हो गई है।

सचिवालय और जिलों में असर

प्रदेश सचिवालय और जिला स्तर पर कई महत्वपूर्ण पदों पर तैनात आईएएस अधिकारी फिलहाल अतिरिक्त विभागीय जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे करीब 10 मुख सचिव हैं जिन्हें एक से अधिक विभागों का प्रभार दिया गया है। इनमें जल संसाधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, लोक सेवा प्रबंधन और धार्मिक न्यास जैसे अहम विभाग शामिल हैं। इसके अलावा छह प्रिंसिपल सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी आयुष, लघु एवं ग्रामीण उद्योग तथा पशुपालन जैसे विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी देख रहे हैं। अब इन जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण तय माना जा रहा है। वहीं, आधा दर्जन जिलों के कलेक्टरों के तबादले भी संभावित हैं। कुछ को अन्य जिलों में भेजा जाएगा तो कुछ को वल्लभ भवन में पदस्थ किया जा सकता है।

अधिकारियों की कमी बनी चुनौती

राज्य में अधिकारियों की कमी लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। 1 जनवरी 2024 तक राज्य में स्वीकृत आईएएस पदों की संख्या 459 थी, जबकि पदस्थ अधिकारी केवल 393 हैं। इसके अलावा लगभग 40 आईएएस अधिकारी केंद्र सरकार या अन्यत्र प्रतिनियुक्ति पर हैं। इस वजह से राज्य में प्रशासनिक कार्यों का बोझ बढ़ गया है और एक ही अधिकारी को कई विभागों का चार्ज संभालना पड़ रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इससे ध्यान बंटता है और जमीनी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

दूसरी बड़ी सर्जरी की तैयारी

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच अंतिम चर्चा के बाद तबादलों की सूची जारी की जाएगी। यह फेरबदल मंत्रिमंडल विस्तार के साथ तालमेल बनाकर किया जाएगा। वर्ष 2023 में सरकार बनने के बाद पहली बड़ी सर्जरी हुई थी, जब बड़े पैमाने पर अधिकारियों का स्थानांतरण हुआ था। उसके बाद भी जरूरत के हिसाब से तबादले हुए, लेकिन अब माना जा रहा है कि यह दूसरी बड़ी सर्जरी होगी, जो प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव लाएगी। मुख्य सचिव को कार्यकाल विस्तार मिलने के बाद यह कदम और भी निश्चित माना जा रहा है।

 

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