धीरेंद्र शास्त्री की ‘एकता यात्रा’ में CM यादव की सहभागिता, सड़क पर बैठकर ग्रहण किया प्रसाद

धीरेंद्र शास्त्री की ‘एकता यात्रा’ में CM यादव की सहभागिता, सड़क पर बैठकर ग्रहण किया प्रसाद
सीएम मोहन यादव ने वृंदावन में बागेश्वर धाम की पदयात्रा में लिया हिस्सा, जताया सौभाग्य
भोपाल, यशभारत। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को धार्मिक आस्था और समरसता की एक अनूठी तस्वीर पेश की। वे मथुरा और वृंदावन में आयोजित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के अंतिम दिन शामिल हुए। हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच, मुख्यमंत्री ने न सिर्फ पदयात्रा में सहभागिता की, बल्कि सड़क पर आम भक्तों के साथ बैठकर प्रसाद (सामूहिक जलपान) भी ग्रहण किया।

एकता यात्रा में शामिल हुए सीएम
‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ के अंतिम दिन धार्मिक आस्था और उत्साह का सैलाब उमड़ पड़ा। यात्रा जैत गांव से शुरू होकर लगभग 7 किलोमीटर पैदल चलकर पावन नगरी वृंदावन पहुंची। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से इस कार्यक्रम में पहुंचे और यात्रियों के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
यात्रा के दौरान भक्तों ने भजन-कीर्तन और जयकारों से माहौल को पूरी तरह से आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। श्रद्धालुओं ने इस पदयात्रा को संतों की परंपरा और सनातन संस्कृति का भव्य उत्सव बताया। सुरक्षा और व्यवस्थाओं की विशेष निगरानी के बीच यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

सड़क पर बैठ किया सामूहिक जलपान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समरसता का सबसे बड़ा उदाहरण तब पेश किया, जब उन्होंने अन्य श्रद्धालुओं के साथ मिलकर सड़क पर बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने पूड़ी, अचार और मिर्च के साथ आयोजित सामूहिक जलपान में सहभागिता की। इस दौरान, सीएम ने यात्रियों से बातचीत की और उनकी आस्था एवं ऊर्जा की प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री का संदेश: समरसता हर प्रयास प्रशंसनीय
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समाज को एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “समाज में समरसता और एकता का हर प्रयास प्रशंसनीय है। आज बागेश्वर धाम की इस पदयात्रा में शामिल होकर सौभाग्य का अनुभव हो रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजनों से समाज जुड़ता है और हमें भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री की इस सहभागिता ने न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि सनातन धर्म और एकता के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया है।







