मुख्यमंत्री आदेश की अवहेलना: जननी सुरक्षा योजना में लापरवाही, मेडिकल कॉलेज प्रशासन सवालों के घेरे में
Chief Minister's order disregarded: Negligence in Janani Suraksha Yojana, medical college administration under scrutiny

मुख्यमंत्री आदेश की अवहेलना: जननी सुरक्षा योजना में लापरवाही, मेडिकल कॉलेज प्रशासन सवालों के घेरे में
मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा जननी सुरक्षा योजना की राशि भुगतान में हो रही देरी और अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल कॉलेज जबलपुर के तीन शासकीय सेवकों को तत्काल दायित्व से पृथक करने एवं कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया था। किंतु मेडिकल प्रशासन ने मुख्यमंत्री के आदेश की अनदेखी करते हुए संबंधित कर्मचारियों को उसी पद पर बनाए रखा है।
सूत्रों के अनुसार मेडिकल कॉलेज में कर्मचारी अपने मूल कार्य को छोड़कर अन्य कार्यों में लगे हुए हैं, जिसका सीधे तौर पर योजना के क्रियान्वयन पर प्रभाव पड़ रहा है। एनआरएचएम कार्यक्रम समन्वयक मालय श्री बघेल को लेखा और लिपिकीय कार्यों में लगाया गया है, जो उनके मूल कार्यक्षेत्र से अलग है। बताया जा रहा है कि वह स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में बैठकर पूरे समय कार्यालयीन कामों में उलझी रहती हैं, जबकि शासन द्वारा कार्यक्रम समन्वयक की पोस्टिंग जनता को जागरूक करने और योजनाओं को सुचारू रूप से लागू कराने के लिए की जाती है।
यही कारण है कि मेडिकल कॉलेज से मुख्यमंत्री शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हाल ही में सीएम समाधान कार्यक्रम में श्रीमती रामदेवी वर्मन सहित अन्य शिकायतकर्ताओं को जननी सुरक्षा योजना की राशि भुगतान हेतु निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद तीन कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने का आदेश भी जारी हुआ था।
बावजूद इसके, मेडिकल कॉलेज प्रशासन की निष्क्रियता और आदेशों की अवहेलना ने व्यवस्था की खामियों और जवाबदेही के सवालों को फिर सतह पर ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक शासन की मंशा को प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से लागू नहीं किया जाएगा, तब तक योजनाएं कागजों से बाहर निकलकर जनता तक नहीं पहुंच पाएंगी।







