विधायक सम्मेलन में मुख्यमंत्री मोहन यादव का संदेश राजनीति में आचरण और अनुशासन सबसे जरूरी

भोपाल यश भारत। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि वही व्यक्ति इस क्षेत्र में सफल हो सकता है, जिसमें जनसेवा और जनकल्याण की सच्ची भावना हो। व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के साथ राजनीति में आने वाले लोग लोकतांत्रिक मूल्यों और व्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित युवा विधायकों के दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम के गान के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील, अध्ययनशील और तनाव प्रबंधन में दक्ष होना चाहिए। किसी भी समस्या के समाधान के दौरान उनका व्यवहार और प्रबंधन कौशल ही उनके व्यक्तित्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि समाजहित और विकास कार्यों के लिए दलगत मतभेदों से ऊपर उठकर काम करना समय की आवश्यकता है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में युवाओं की अहम भूमिका
मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र नागरिकों की स्वतंत्रता, न्याय, समानता और बंधुता पर आधारित व्यवस्था है, जो सक्रिय जनभागीदारी से ही सशक्त होती है। तोमर ने संविधान सभा में 25 नवंबर 1949 को दिए गए बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान की सफलता उसे लागू करने वाले लोगों की निष्ठा और नैतिकता पर निर्भर करती है। कार्यक्रम में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सम्मेलन में राष्ट्रकुल संसदीय संघ भारत क्षेत्र 6 के अंतर्गत मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के 45 वर्ष तक आयु वर्ग के युवा विधायक शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है कि लोकतंत्र की उत्पत्ति केवल पश्चिम से हुई है। भारत की परंपरा में भी लोकतांत्रिक मूल्यों, विचार-विमर्श और शास्त्रार्थ की समृद्ध परंपरा रही है। इसी वजह से देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था सुदृढ़ बनी हुई है।






