
बजट 2026 पर सीए धीरज घई की प्रतिक्रिया
उम्मीद से काफी कम रहा बजट
जबलपुर,यशभारत। केंद्रीय बजट 2026 को लेकर जबलपुर के वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए धीरज घई ने मिली-जुली लेकिन अधिकांशतः निराशाजनक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह बजट आम करदाताओं और मध्यम वर्ग की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका।
सीए धीरज घई के अनुसार बजट में इनकम टैक्स स्लैब में किसी भी तरह की रियायत नहीं दी गई, जिससे करदाताओं को बड़ा झटका लगा है। मध्यम वर्ग को राहत की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ प्लान जैसे वैश्विक आर्थिक दबावों से निपटने के लिए बजट में कोई स्पष्ट प्रस्ताव या एक्शन प्लान नजर नहीं आया, जो भविष्य के लिहाज से चिंता का विषय है।
हालांकि कुछ बिंदुओं पर बजट को सकारात्मक भी बताया गया।
सीए घई के मुताबिक गर्ल्स हॉस्टल के विस्तार का प्रावधान एक अच्छा और सराहनीय कदम है। इसके साथ ही रिटर्न असेसमेंट केस खुलने के बाद भी रिटर्न भरने की अनुमति देना भी व्यावहारिक निर्णय है। उन्होंने कहा कि सरकार अब अधिकतर इनकम टैक्स मामलों में कुछ रियायत के साथ टैक्स के रूप में “नॉमिनल” राशि वसूलने की दिशा में बढ़ती दिख रही है।
टीडीएस प्रावधानों में छोटे आय वर्ग को राहत न मिलने से मध्यम वर्ग में निराशा है। सीए धीरज घई का मानना है कि बजट में कोई बड़ी रियायत न होना इस बात का संकेत है कि फिलहाल चुनाव दूर हैं, इसलिए सरकार ने बड़े लोकलुभावन फैसले नहीं लिए।
उन्होंने बताया कि एनआरआई को प्रॉपर्टी बेचने पर अब TAN लेना नहीं पड़ेगा, जो एक सकारात्मक सुधार है। वहीं प्रोविडेंट फंड में कर्मचारी अंशदान पर रिटर्न डेट तक कोई पेनल्टी न लगने का प्रावधान भी राहत देने वाला है।
इसके अलावा माइनिंग प्लांट और मशीनरी के एक्सपोर्ट पर दी गई रियायत से जबलपुर जैसे औद्योगिक सेक्टर को कुछ लाभ मिल सकता है।
हालांकि कुल मिलाकर सीए धीरज घई का कहना है कि बजट आशा के अनुरूप नहीं रहा, जिसका असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला और बाजार में गिरावट दर्ज की गई।
उन्होंने निष्कर्ष में कहा कि यह बजट सुधारात्मक से ज्यादा औपचारिक नजर आता है और आम करदाता को इससे बहुत अधिक राहत नहीं मिली है।







