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खाद्य बीज की कालाबाजारी, किसान परेशान समितियों में बीज न आने से महंगी दामों पर बाजार से खरीदने को मजबूर

खाद्य बीज की कालाबाजारी, किसान परेशान
समितियों में बीज न आने से महंगी दामों पर बाजार से खरीदने को मजबूर
पनागर, यश भारत। नगर में मानसून ने दस्तक दे दी है, लेकिन किसान खरीफ फसलों की बोवनी की तैयारी में जुट गए हैं और कुछ की बोवनी भी हो गई है। बोवनी के लिए किसान खेतों को तैयार कर रहे हैं और साथ ही साथ खाद के जुगाड़ में भी जुट गए हैं। इसका असर नगर की सभी पंचायत में देखने को मिल रहा है। खाद्य वितरण केंद्र पर 24 घंटे किसान कतार में नजर आ रहे हैं। आलम यह है कि कभी-कभी दिन रात की मेहनत के बाद भी किसान को एक बोरी खाद नहीं मिल पा रही है। वहीं दूसरी तरफ सरकार का दावा है कि खरीफ सीजन के लिए खाद तो पर्याप्त है।
गौरतलब है कि नगर में खरीफ फसल के लिए भूमि का रकवा अनेक हेक्टेयर में है। इसके लिए करीब 1 लाख मैट्रिक टन खाद की जरूरत होती है। सूत्रों के अनुसार सरकार एडवांस में अनेकों मीट्रिक टन बुलाती थी, जबकि इस साल खाद के लिए केंद्र सरकार के माध्यम से सप्लाई का आर्डर पहले दे दिया है। वही दावा किया जा रहा है कि पनागर विधानसभा में अभी किसान की जरूरत के हिसाब से खाद् पर्याप्त है, लेकिन अधिकांश पंचायत में स्थिति यह है कि किसान खाद के लिए मारे मारे फिर रहे हैं।
पनागर में रात भर जाग रहे किसान…
खाद की मांग और आपूर्ति के बीच का संकट अब किसानों को लगातार परेशान करने लगा है। यही वजह है कि पनागर तहसील से जैसे ही किसानों को खाद वितरण के लिए टोकन वितरण की सूचना मिली। वह रात में अपने-अपने टोकन कृषि उपज उप मंडी पर पहुंचकर लाइन में खडे नजर आए। किसी ने अपनी चप्पल रखी, तो किसी ने खाद का खाली कट्टा। तो फिर किसी ने पत्थर के नीचे अपने कागज रखकर और अपने नंबर की किताब लगाकर रात भर खुले आसमान के नीचे काटी।
खाद की आस में काट रहे अंधेरी रात…
पनागर में किसानों को खरी$फ फसलों के लिए तैयारी करनी है। अब जरूरत है तो खाद की, लेकिन खाद आसानी से मिल नहीं रही।यही वजह है कि जब प्रशासन ने खाद के लिए टोकन देने का ऐलान किया तो, किसानों के भीड़ खाद टोकन सेंटर यानी कृषि उपज उप मंडी पनागर पर जमा होने लगी। पनागर तहसील से तो रात-रात भर जागकर किसानों के लाइन में लगने की तस्वीर सामने आई हैं। खाद के लिए परेशान हो रहे किसानों का कहना है कि प्रशासन की खाद्य वितरण प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है।
टोकन के लिए हो रही धक्का मुक्की…
पनागर में खाद की टोकन वितरण को लेकर बुधवार को अफरा तफरी का माहौल बना रहा। मंगलवार शाम से ही किसान तहसील कार्यालय पर पहुंचने लगे थे। कई किसानों ने रात में ही पत्थर रखकर अपने आधार कार्ड और दस्तावेजों से लाइन लगा दी। सुबह टोकन पाने की होड़ में धक्का मुक्की की स्थिति बन गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भी बुलाना पड़ा। अनेक गांवों के किसान 6 बजे से लाइन में थे, लेकिन दोपहर तक उन्हें टोकन नहीं मिला। एक टोकन पर किसान को 6 डीएपी, 6 एनपी, यूरिया और नैनो डीएपी खाद्य प्राप्त होगी। वितरण कार्य में तहसीलदार और नायब तहसीलदार को जिम्मेदारी सौंप गई है।
1600 का एक कट्टा डीएपी…
किसान अपने खेतों को तैयार कर बादलों के बरसने का इंतजार करते हुए खाद के जुगाड़ में जुटे हुए हैं। बीते दिनों पनागर प्रशासन ने घोषणा की थी कि खाद के लिए मंगलवार को टोकन बांटे जाएंगे, लेकिन इस दौरान किसानों की इस कदर भीड़ भाड़ जमा होने लगी कि उन्हें नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। किसानों का कहना है कि सरकार के पास खाद नहीं मिल रहा है और मार्केट में डीएपी खाद का एक कट्टा 1600 का मिल रहा है, जो किसानों की खरीद से बाहर है।
इनका कहना
खाद के लिए चार दिनों से भटक रहे,मजबूर है तो दिन रात एक कर दिए,लेकिन बहाने बाजी के कारण खाद पायेंगे कि नहीं पता नहीं
प्रदीप दुबे
किसान कोहना कोहनी
कागज जमा नहीं कर रहे बोल रहे हो गई टाइम,और अंदर से ले रहे कई किसानों के कागज हमें मिलेगी खाद कब हम हो रहे परेशान
झल्लू पटेल
किसान छीनामानी
खाद मिलने में यदि किसी किसान को दिक्कत जा रही है तो कल दिखवाता हूं,लाइन से नहीं दी जा रही किसान परेशान हो रहा है तो पत्र जारी कराता हूं
पंकज शर्मा
कृषि विस्तार अधिकारी पनागर

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