भोपाल का ‘ईरानी डेरा’ बना नेशनल थ्रेट: CBI अफसर बनकर ठगी और दुबई तक फैला लूट का नेटवर्क; 400 जवानों ने दी दबिश

भोपाल का ‘ईरानी डेरा’ बना नेशनल थ्रेट: CBI अफसर बनकर ठगी और दुबई तक फैला लूट का नेटवर्क; 400 जवानों ने दी दबिश
भोपाल, यशभारत। राजधानी का निशातपुरा स्थित ‘ईरानी डेरा’ (अमन कॉलोनी) एक बार फिर देश की सुरक्षा और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। खुद को सीबीआई अधिकारी और पत्रकार बताकर देशभर में ठगी करने वाले इस गिरोह के तार अब दुबई से जुड़ते नजर आ रहे हैं। रविवार तड़के पुलिस ने इस गढ़ को ध्वस्त करने के लिए ‘ऑपरेशन क्लीन’ चलाया, जिसमें भारी हिंसा के बीच 32 आरोपियों को दबोचा गया।
1. तड़के 3 बजे ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 4 डिग्री तापमान में घेराबंदी
पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र के निर्देशन में करीब 400 पुलिसकर्मियों ने रविवार तड़के 3 बजे पूरे डेरे को चारों तरफ से घेर लिया। कड़ाके की ठंड और अंधेरे का फायदा उठाकर पुलिस ने यह कार्रवाई इसलिए की ताकि अपराधी महिलाओं और बच्चों को ढाल न बना सकें। जैसे ही पुलिस ने इनामी बदमाश शब्बीर अली और शाकिब को हिरासत में लिया, डेरे के लोगों ने पथराव और गाली-गलौज शुरू कर दी। इस हमले में दो जवान घायल हुए हैं, लेकिन पुलिस ने सख्ती बरतते हुए 22 पुरुष और 10 महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया।
2. चौंकाने वाला खुलासा: मोबाइल का ‘दुबई कनेक्शन
पूछताछ में सामने आया है कि इस गैंग का नेटवर्क केवल अंतरराज्यीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय है। भोपाल और आसपास से झपटमारी किए गए महंगे मोबाइल फोन पहले मुंबई भेजे जाते हैं, और फिर वहां से समुद्री रास्तों के जरिए दुबई के बाजारों में खपा दिए जाते हैं। छापेमारी में पुलिस को अमेरिकी डॉलर और ईरानी रियाल भी मिले हैं, जो इनके विदेशी संपर्कों की पुष्टि करते हैं।
3. फर्जी आईडी और न्यूज़ माइक का मायाजाल
ठगी करने के लिए यह गिरोह ‘पहचान की चोरी’ का सहारा लेता है। गिरोह के सदस्य व्यापारियों को सीबीआई या पुलिस अधिकारी बनकर रोकते हैं और चेकिंग के नाम पर उनके कीमती जेवरात उड़ा ले जाते हैं। पुलिस की नजरों से बचने और धौंस जमाने के लिए ये लोग न्यूज़ चैनल की माइक आईडी और फर्जी प्रेस कार्ड का इस्तेमाल करते हैं।
4. भारी मात्रा में बरामदगी
पुलिस ने मौके से जो सामान बरामद किया है, वह किसी बड़ी संगठित अपराध फैक्ट्री जैसा है। जिसमें 21 महंगी स्पोर्ट्स बाइक बिना नंबर वाली, जिनका इस्तेमाल लूट में होता था। 51 मोबाइल फोन और एप्पल टैबलेट। विदेशी मुद्रा डॉलर और रियाल। और कई राज्यों की फर्जी नंबर प्लेट्स।
इनका कहना है…
ईरानी डेरे के अपराधी अक्सर पुलिस पर हमला करने के लिए मिर्च पाउडर और पथराव का सहारा लेते हैं। इस बार हमने संयम और रणनीति के साथ दबिश दी। सभी 32 आरोपियों पर शासकीय कार्य में बाधा और हमले का केस दर्ज किया गया है। इनके ‘स्लीपर सेल’ की तलाश जारी है।
हरिनारायणचारी मिश्र, पुलिस कमिश्नर, भोपाल







