भोपाल पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान’ में 12 साल पुराना रहस्य सुलझाया

भोपाल पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान’ में 12 साल पुराना रहस्य सुलझाया
एक महीने में 80 गुमशुदा बच्चे बरामद
भोपाल,यशभारत। राजधानी भोपाल में पुलिस ने पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत भोपाल पुलिस ने नवंबर माह में रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की है। पुलिस आयुक्त नगरीय हरिनारयाणाचारी के सख्त एक्शन प्लान के दम पर, महज एक महीने में 69 नाबालिग लड़कियों सहित कुल 80 गुमशुदा बच्चों को खोज निकाला गया है।
12 साल बाद चेन्नई से लौटी ‘लापता’ बेटी
इस महाअभियान की सबसे सनसनीखेज सफलता पिपलानी थाना क्षेत्र के एक मामले में मिली, जिसने 12 साल से पुलिस को चुनौती दे रखी थी। वर्ष 2013 में माता-पिता से मामूली झगड़े के बाद घर से निकली 14 वर्षीय किशोरी को पुलिस ने पूरे 13 साल बाद दस्तयाब कर लिया। विशेष जांच दल ने दशकों पुराने इस केस को सुलझाने के लिए जासूसी की तर्ज पर काम किया। गहन छानबीन, परिजनों और संदिग्धों की तीव्र पूछताछ, और कॉल डिटेल्स के बारीक विश्लेषण के बाद टीम को पता चला कि लड़की वर्तमान में चेन्नई में है। पुलिस ने तत्काल दबिश देकर उसे सकुशल बरामद किया। लड़की ने बताया कि वह बालिग होने पर चेन्नई में शादी करके वहीं बस गई थी। पुलिस की इस अद्वितीय सफलता ने परिजनों की आँखों में खुशी के आंसू ला दिए हैं।
मेधावी छात्रा इंदौर से मिली, फैक्ट्री हॉस्टल से हुई बरामदगी
नवंबर में बरामद हुए दो अन्य हाई-प्रोफाइल मामलों ने भी पुलिस की हाईटेक इन्वेस्टिगेशन की क्षमता को उजागर किया है:
1. स्टेशन बजरिया की टॉपर की तलाश: 17 वर्षीय मेधावी छात्रा (जिसने 12वीं में 98% अंक हासिल किए थे) पारिवारिक अनबन के कारण जनवरी 2025 में लापता हुई थी। पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज को आधार बनाकर ट्रेन रूट का पीछा किया। दस हजार के इनाम की घोषणा की गई, और रूट के 13 रेलवे स्टेशनों पर टीमें भेजी गईं। अथक प्रयासों के बाद, पुलिस ने छात्रा को 06.11.2025 को
इंदौर से दस्तयाब किया।
2. इंस्टाग्राम की लीड पर तमिलनाडु पहुंची टीम: बागसेवनिया थाना क्षेत्र से 4 साल पहले मां से झगड़े के बाद लापता हुई 16 वर्षीय नाबालिग की तलाश में पुलिस ने सोशल मीडिया को हथियार बनाया। लड़की ने इंस्टाग्राम पर अपने फैक्ट्री हॉस्टल के बैकग्राउंड वाली फोटो पोस्ट की थी। इस फोटो और एक गुमनाम कॉल की लोकेशन (डिंडीगुल) को गूगल सर्च से मिलाया गया। पुलिस टीम तुरंत तमिलनाडु के डिंडीगुल रवाना हुई, और 400 किलोमीटर दूर स्थित एक फैक्ट्री हॉस्टल से उसे ढूंढ निकाला।







