भोपाल नगर निगम में गोवंश पर बवाल: अपनी ही सरकार के खिलाफ उतरे बीजेपी पार्षद, डॉक्टर सस्पेंड

भोपाल नगर निगम में गोवंश पर बवाल: अपनी ही सरकार के खिलाफ उतरे बीजेपी पार्षद, डॉक्टर सस्पेंड
भोपाल,यशभारत। राजधानी के जिंसी स्थित नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने के मामले ने मंगलवार को नगर निगम की परिषद बैठक में भारी बवाल खड़ा कर दिया। स्थिति यह रही कि हंगामे के चलते बैठक अपने निर्धारित समय से देरी से शुरू हुई। इस पूरे विवाद के बीच, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के निर्देश पर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी बेनीप्रसाद गौर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
सत्ता पक्ष में बगावत के सुर
हैरानी की बात यह रही कि इस मुद्दे पर विपक्ष से ज्यादा तीखे तेवर सत्ताधारी दल बीजेपी के पार्षदों के देखे गए। बैठक से पहले महापौर मालती राय ने पार्षदों को शांति बनाए रखने की हिदायत दी थी, लेकिन सीनियर पार्षदों ने इसे सिरे से नकार दिया। बीजेपी पार्षद देवेंद्र भार्गव अपनी जैकेट पर विरोध के पोस्टर चस्पा कर पहुंचे। पार्षदों का सीधा सवाल था क्या नगर निगम आधुनिक स्लॉटर हाउस चलाने के लिए बाध्य है? गोमाता के अपमान पर हम चुप नहीं बैठेंगे।
बंद कमरे के फैसले पर सवाल
विवाद की मुख्य जड़ स्लॉटर हाउस को शुरू करने की अनुमति प्रक्रिया है। आरोप है कि मेयर इन काउंसिल (एमआईसी ) ने गुपचुप तरीके से इसे मंजूरी दे दी और इस प्रस्ताव को परिषद की सामान्य बैठक में चर्चा के लिए लाया ही नहीं गया। कांग्रेस ने इसे शहर सरकार की मिलीभगत करार देते हुए घेराबंदी शुरू कर दी है।
प्रशासनिक गाज और दस्तावेजी प्रमाण
नगर निगम के वेटरनरी डॉक्टर बेनीप्रसाद गौर की भूमिका उस समय संदिग्ध पाई गई, जब उनके हस्ताक्षर वाला वह पत्र सामने आया जिसके जरिए मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई थी। इसी आधार पर गोमांस को मुंबई भेजे जाने की बात कही जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने डॉक्टर को सस्पेंड कर जांच के घेरे में ले लिया है।
हंगामे की भेंट चढ़े जनहित के मुद्दे
परिषद की बैठक में दो अहम प्रस्तावों पर मुहर लगनी थी। शहर की 829 अवैध/वैध कॉलोनियों में बल्क कनेक्शन हटाकर व्यक्तिगत नल कनेक्शन देना। मैरिज रजिस्ट्रेशन की फीस घटाकर मात्र 130 रुपये करना। हालांकि, गोमांस विवाद की तीव्रता इतनी अधिक है कि विकास कार्यों से ज्यादा ध्यान प्रशासनिक चूक और धार्मिक भावनाओं पर केंद्रित रहा।
इनका कहना है कि..
किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। निगम प्रशासन की जिम्मेदारी तय की जा रही है, इसीलिए संबंधित डॉक्टर पर कार्रवाई की गई है।
किशन सूर्यवंशी, अध्यक्ष, नगर निगम भोपाल







