मुनाफे के लालच में बैंक मैनेजर की पत्नी ने गवाए दिए 40 लाख

मुनाफे के लालच में बैंक मैनेजर की पत्नी ने गवाए दिए 40 लाख
भोपाल, यशभारत। राजधानी में पदस्थ एक बैंक मैनेजर की पत्नी ने ट्रेडिंग एप से कमाने की लालच में 40 लाख रुपये गंवा दिए हैं। घटना कुछ दिन पुरानी है। बैंक मैनेजर ने भोपाल क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करा दी है। क्राइम ब्रांच और साइबर पुलिस मिलकर जालसाजी की जांच शुरू कर दी है। जिन नंबरों से जालसाजों से संपर्क किया था, सभी नंबर पश्चिम बंगाल के हैं। जालसाजों ने जिन बैंक खातों में 40 लाख रुपये अलग-अलग किश्तों में मंगाए थे, उन बैंक खातों से राशि भी निकाल ली है। यह ठगी टास्क पूरा करने का लालच देकर की गई है। क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के अनुसार बैंक मैनेजर एक बैंक मैनेजर की पत्नी ने घर बैठे पैसे कमाने का तरीका तलाश रही थी। तभी उन्हें ट्रेडिंग एप के जरिए कमाने का सोशल मीडिया से आफर आया। महिला को भरोसे में लेने के लिए जालसाजों ने पहले एक लाख रुपये निवेश कराए। महिला ने एक लाख रुपये निवेश कर दिए तो जालसाजों ने भरोसा जीतने के लिए 50 हजार रुपये बतौर मुनाफा महिला के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद महिला को जालसाजों पर भरोसा हो गया। जालसाजों ने महिला के नाम 91 लाख का आईपीओ आवंटित कर 50 लाख रुपये का मुनाफा कमाने का झांसा दिया था। जिस ट्रेडिंग एप के जरिए जालसाजी की गई है, उसका नाम टास्क है।
महिला के नाम आईपीओ आवंटित कर की ठगी:
जालसाजों ने महिला को अपने जाल में फंसाने के लिए नामी-गिरामी कंपनियों के आईपीओ में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का फोन पर झांसा दिया। जिन-जिन मोबाइल नंबर से महिला को फोन आए और मैसेज किए गए, सभी मोबाइल नंबर पश्चिम बंगाल के हैं। जालसाजों ने महिला से कुछ लाख रुपये ट्रांसफर कराने के बाद निवेश का झांसा देकर प्रोत्साहित किया। इसके बाद महिला अलग-अलग दिनों में करीब 40 लाख रुपये निवेश कर दिए, लेकिन महिला को कोई मुनाफा नहीं भेजा गया। इसके बाद महिला ने अपनी राशि निकालने का प्रयास किया तो जालसाजों ने एक कंपनी के आईपीओ के फर्जी आवंटन पत्र बनाकर भेज दिए। महिला ने राशि निकालने का प्रयास किया तो जालसाजों ने फोन रिसीव करना ही बंद कर दिया। इसके बाद महिला ने निवेश के नाम पर राशि ट्रांसफर किए जाने की जानकारी अपने पति को दी। पति ने पत्नी के मोबाइल की चैट, जालसाजों के मेसेज पढ़े तो समझ गए कि जालसाजों ने ठगी की है। इसके बाद वे भोपाल क्राइम ब्रांच पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
राशि निकाल चुके थे जालसाज:
क्राइम ब्रांच के अनुसार बैंक मैनेजर की ओर से जब लिखित शिकायत दर्ज कराई गई, तब तक जालसाजों ने जिन बैंक खातों में फरियादियां से राशि ट्रांसफर कराई थी, उनसे राशि निकाल चुके थे। इसलिए राशि को होल्ड नहीं कराया जा सका है। पुलिस सभी नंबरों और ट्रेडिंग एप के संबंध में जानकारी जुटाने के साथ जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया गया है। क्राइम ब्रांच ने ट्रेडिंग एप के संबंध में कुछ कंपनियों से जानकारी मंगाई है, जिसके प्राप्त होने के बाद प्रकरण दर्ज किए जाने की संभावना है।







