आयुष्मान इंसेंटिव व्यवस्था होगी पारदर्शी और सरल, उपमुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश

आयुष्मान इंसेंटिव व्यवस्था होगी पारदर्शी और सरल, उपमुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मंगलवार को मंत्रालय में सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सकों एवं सहायक चिकित्सकीय स्टाफ के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक का मुख्य एजेंडा आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) की वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा करना था।
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की भूमिका सर्वोपरि है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इंसेंटिव वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि मैदानी स्तर पर काम कर रहे स्टाफ को किसी भी प्रकार की मानसिक या प्रक्रियात्मक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इंसेंटिव मिलने में होने वाली देरी से स्टाफ के मनोबल पर असर पड़ता है। इसके लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की जाएगी। वर्तमान जटिल नियमों को सरल बनाने की बात कही गई ताकि गणना में त्रुटि की गुंजाइश कम हो। सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों के विशेषज्ञों से लेकर सहायक स्टाफ तक, सभी के लिए न्यायसंगत और स्पष्ट व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया।
चिकित्सकों का बढ़ा मनोबल
बैठक के दौरान मौजूद वरिष्ठ चिकित्सकों ने इस पहल का स्वागत किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शी व्यवस्था लागू होने से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि आयुष्मान योजना के तहत अधिक से अधिक मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए मेडिकल स्टाफ प्रोत्साहित होगा।







