विश्व कैंसर दिवस 2026 पर स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में जागरूकता कार्यक्रम
20 कैंसर योद्धाओं को सम्मानित किया गया

जबलपुर,यशभारत। विश्व कैंसर दिवस 2026 के अवसर पर मेडिकल कॉलेज स्थित स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में कैंसर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि भारत में लगभग 80 प्रतिशत कैंसर मरीज एडवांस स्टेज में इलाज के लिए पहुंचते हैं, जबकि विकसित देशों की तुलना में कैंसर से मृत्यु दर भी करीब 40 प्रतिशत अधिक है। विशेषज्ञों ने इसका मुख्य कारण जागरूकता की कमी बताया। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में सभी प्रकार के कैंसर का संपूर्ण इलाज नि:शुल्क एक ही छत के नीचे उपलब्ध है, जिसका जीवंत उदाहरण कैंसर से जंग जीत चुके मरीजों ने साझा किया।

डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने बताया कि संस्थान में शीघ्र ही अत्याधुनिक ‘लिनेक’ रेडियोथेरेपी मशीन की स्थापना की जाएगी। इसके शुरू होने से महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के मरीजों को नि:शुल्क आधुनिक रेडियोथेरेपी उपचार की सुविधा मिलेगी। सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अर्पण मिश्रा ने बताया कि संस्थान में पेट व बच्चेदानी के कैंसर का दूरबीन पद्धति से, स्तन कैंसर का स्तन संरक्षित व पुनर्निर्माण तकनीक (ऑन्कोप्लास्टी एवं इम्प्लांट) के साथ, तथा स्वर-यंत्र व थायराइड कैंसर का की-होल सर्जरी एवं न्यूनतम विकृति के साथ उपचार किया जा रहा है।

प्रो. डॉ. श्यामजी रावत ने स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना से लेकर उसके अत्याधुनिक संस्थान बनने तक के सफर और किए गए प्रयासों की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान कैंसर जागरूकता पर आधारित शॉर्ट फिल्म मायाजाल का प्रदर्शन किया गया, जिसमें चिकित्सक, छात्र-छात्राएं, नर्सिंग स्टाफ और कैंसर से जंग जीत चुके योद्धा शामिल रहे। नर्सिंग छात्रों द्वारा लघु नाटिका प्रस्तुत की गई, जागरूकता पोस्टर प्रदर्शित किए गए और 20 कैंसर योद्धाओं को सम्मानित किया गया।







