भोपाल

औद्योगिक नगरी मंडीदीप में वायु प्रदूषण से बिगड़ते हालात 

औद्योगिक नगरी मंडीदीप में वायु प्रदूषण से बिगड़ते हालात 
– मॉडरेट श्रेणी बरकरार, बेतवा नदी में छोड़ा जा रहा फैक्ट्रियों को गंदा पानी 

आशीष दीक्षित, भोपाल। औद्योगिक नगरी मंडीदीप जो मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी औद्योगिक टाउनशिप में से एक मानी जाती है, इन दिनों वायु प्रदूषण की मार झेल रही है। सैकड़ों नामी-गिरामी कंपनियों की चिमनियों से निकलता धुआं शहर की हवा को जहरीला बना रहा है। आलम यह है कि फैक्ट्री इलाकों के आसपास रहने वाले लोग लगातार खांसी, सांस और आंखों में जलन जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि मंडीदीप की हवा लगातार मॉडरेट श्रेणी में बनी हुई है, जिसका सीधा असर स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ रहा है।
मंडीदीप में लगभग 750 से अधिक छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं। इनमें दवा, खाद्य पदार्थ, प्लास्टिक, रसायन, सीमेंट, इंजीनियरिंग और ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनियां शामिल हैं। इनमें से कई इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन ठीक से नहीं किया जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के मुताबिक, हर उद्योग को फ्लाई ऐश, धुएं और रासायनिक उत्सर्जन को फिल्टर करने के लिए ईएसपी, बैग फिल्टर और वेट स्क्रबर जैसी तकनीकें अपनानी चाहिए, लेकिन हकीकत में कई कारखानों में यह उपकरण या तो लगे ही नहीं हैं या चालू हालत में नहीं रखे जाते।

1758274934 WhatsApp Image 2025 09 19 at 15.05.52

चिमनियों से उठता काला धुआं
यशभारत टीम ने मंडीदीप इलाके का दौरा किया तो चौंकाने वाले नजारे सामने आए। दिन के समय भी हालत यह थी कि पूरा शहर धुएं की आगोश में था। मंडीदीप के आसपास बसे गांवों तक प्रदूषित हवा पहुंच रही थी।  स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह-सुबह ताजी हवा की बजाय जहरीले धुएं का सामना करना पड़ता है। लोग बताते हैं कि घरों की खिड़कियों पर राख की परत जम जाती है और सांस लेना मुश्किल हो जाता है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मंडीदीप में पिछले तीन वर्षों में श्वसन रोगियों की संख्या बढ़ी है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और एलर्जी जैसी बीमारियों से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

1758274941 WhatsApp Image 2025 09 19 at 15.05.52 (1)

फसलों पर पड़ रहा असर 
फैक्ट्रियों से निकलने वाली राख फसलों को प्रभावित कर रही है। खेतों की फसल पर राख और धूल की परत जमने से पैदावार घट रही है। भूजल और नजदीकी नालों में रसायनों के मिलने से जल प्रदूषण का खतरा भी बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो मंडीदीप और भोपाल की वायु गुणवत्ता बेहद खतरनाक स्तर तक जा सकती है।
मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट के अनुसार सेक्टर न्यूज इंडस्ट्रियल एरिया मंडीदीप में पीएम १० प्रमुख प्रदूशक है। २४ घ्ंटे औसत आधार पर वर्तमान एक्यूआई दर्ज है। मोडरेट स्तर लगभग १३८.३९ है।
एक अध्ययन में पाया गया कि मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र के आसपास पीएम १० ओर पीएम २.५ का स्तर राष्ट्रीय सीा  से कई स्थानों पर अधिक है।

1758274948 WhatsApp Image 2025 09 19 at 15.05.53

बॉक्स 
बेतवा नदी का पानी हुआ काला, मंडीदीप की फैक्ट्रियों से निकल रहा प्रदूषित जल जिम्मेदार
नगरी मंडीदीप की फैक्ट्रियों से निकलने वाला प्रदूषित अपशिष्ट जल सीधे बेतवा नदी में छोड़ा जा रहा है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों के अनुसार इस कारण नदी का पानी पूरी तरह काला हो चुका है और आसपास के क्षेत्रों में गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा हो गया है। जानकारी के मुताबिक औद्योगिक क्षेत्र की अनेक इकाइयाँ अपने अपशिष्ट जल को शोधन संयंत्र में भेजने के बजाय सीधे नदी में छोड़ रही हैं। इससे न केवल पानी की गुणवत्ता खराब हो रही है बल्कि नदी के जीव-जंतु और मछलियाँ भी प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नदी के किनारे बदबू और गंदगी इतनी बढ़ गई है कि आसपास रहना मुश्किल हो गया है। साथ ही सिंचाई और पेयजल के लिए इस पानी का उपयोग करना भी असंभव हो गया है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया गया तो बेतवा नदी की जैवविविधता और प्रवाह दोनों को स्थायी नुकसान होगा।

२०१५ में दिया गया था नोटिस 
सामाजिक कार्यकर्ताओं की शिकायत पर २०१५ में सौ कंपनियों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल जुर्माना लगाना काफी नहीं है, बल्कि उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का अनिवार्य रूप से उपयोग करने और नियमित निगरानी
कचरा डंप करने की जगह देखी गई है 
मंडीदीप में औद्योगिक कचरे का निष्पादन सही ढंग से हो सके इसके लिए नगर पालिका का अमला प्रयासरत है। कचरे को डंप करने के लिए जगह भी देख ली गई है।
– प्रशांत जैन, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, मंडीदीप 
विस्तृत जानकारी ली जाएगी
मंडीदीप प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र में शामिल है, यहां पर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रदूषण कंट्रोल के अमले को तैनात किया गया है। प्रदूषण किस स्तर तक हो रहा है इस संबंध में विस्तृत जानकारी ली जाएगी। स्थानीय रहवासियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए प्रशासन आवश्यक कदम उठा रहा है।
– अरुण कुमार विश्वकर्मा, कलेक्टर, रायसेन

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button