चूहों के बाद काकरोच का आतंक, जबलपुर के लेडी एल्गिन अस्पताल में बड़ी लापरवाही
कॉकरोचों के बीच इलाज करा रही हैं गर्भवती महिलाएं और नवजात!

जबलपुर यश भारत । जबलपुर शहर के एकमात्र महिला अस्पताल लेडी एल्गिन अस्पताल में इन दिनों घोर लापरवाही और गंदगी का आलम है, जिसके कारण गर्भवती महिलाएं और उनके परिजन बेहद परेशान हैं। अस्पताल प्रशासन द्वारा सफाई के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, वार्डों के अंदर कॉकरोचों की भरमार है। यश भारत को वार्ड में भर्ती एक पाठक द्वारा कुछ तस्वीरें भेजी गई हैं, जो अस्पताल की हकीकत बयां करती हैं। इन तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि बड़े और छोटे कॉकरोच मरीजों के पलंगों पर, दीवारों पर, यहाँ तक कि दवाइयां रखने की जगह पर भी खुलेआम घूम रहे हैं। गंदगी और कॉकरोचों के आतंक के चलते मरीज और उनके परिजन रात भर न तो ठीक से सो पा रहे हैं और न ही बैठ पा रहे हैं।
लेडी एल्गिन अस्पताल में साफ-सफाई को लेकर भले ही बड़े-बड़े दावे किए जाते हों, लेकिन इन तस्वीरों ने अस्पताल की पोल खोलकर रख दी है। सबसे संवेदनशील माने जाने वाले जच्चा-बच्चा वार्ड में ऐसी स्थिति होना अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस गंभीर विषय पर जब अस्पताल प्रबंधक से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनसे बात नहीं हो सकी।

कॉकरोच केवल गंदगी का प्रतीक नहीं है, बल्कि कई खतरनाक बीमारियों के वाहक भी होते हैं।
1. बैक्टीरियल संक्रमण – कॉकरोच अपने पैरों और शरीर पर साल्मोनेला, ई.कोलाई , शिगेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया लेकर चलते हैं।
मुख्य बीमारियाँ: (टाइफाइड), (पेचिश), (दस्त), (हैजा), (पेट का संक्रमण)
अब सोचने वाली बात यह है कि अगर ऐसे हालात ही एल्गिन हॉस्पिटल में निर्मित रहेंगे तो जच्चा और बच्चा के स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा ।







