खुफिया एजेंसी आईएसआई के ‘प्रॉक्सी’ के रूप में एक्टिव था अदनान का नेटवर्क
इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (आईएसकेपी) मॉड्यूल का खुलासा

खुफिया एजेंसी आईएसआई के ‘प्रॉक्सी’ के रूप में एक्टिव था अदनान का नेटवर्क
– इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (आईएसकेपी) मॉड्यूल का खुलासा
– भोपाल में बढ़ाई सतर्कता, पुलिस बल रख रहा नजर
आशीष दीक्षित, भोपाल
भोपाल से गिरफ्तार हुआ संदिग्ध आतंकी अदनान खान उर्फ अबू मोहम्मद के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। जांच एजेंसियों की जांच में खुलासा हुआ है कि अदनान भोपाल में रहकर आईएसआई के प्रॉक्सी नेटवर्क रूप में एक्टिव था और नेटवर्क को बढ़ाने का काम कर रहा था। देश की सुरक्षा एजेंसियों को जो इनपुट मिला है उसके मुताबिक आईएसआईएस मॉड्यूल के तार इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (आईएसकेपी) से जुड़े होने की भी आशंका है। खुफिया सूत्रों का कहना है कि यह मॉड्यूल सिर्फ ऑनलाइन प्रचार क ग्रुप का ही समूह नहीं था बल्कि आगे चलकर भारत में किसी खतरनाक ऑपरेशन का भी हिस्सा बन सकता था।
तालिबान ने किया था दावा
तालिबान ने हाल ही में दावा किया था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसकेपी को सहयोग दे रही है। खुफिया रिपोर्टें भी बताती हैं कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान सीमा क्षेत्रों में के बाद भारतीय शहरों में अस्थिरता फैलाने और लोन-वुल्फ हमलों के लिए कर रहा है। ऐसे में दिल्ली और भोपाल से पकड़ा गया मॉड्यूल इसी रणनीति का विस्तार माना जा रहा है।
कट्टरपंथी ग्रुप से जुड़े थे दोनों संदिग्ध
जांच में सामने आया कि पकड़े गए युवक ‘सात उल उम्माह’ और ‘वॉयस ऑफ इंडिया’ जैसे कट्टरपंथी ग्रुप से जुड़े थे। इन ग्रुप में एक हजार से अधिक सदस्य सीरिया में सक्रिय सदस्य हैं। इन्हीं प्लेटफॉर्म्स के जरिए दोनों अदनानों की मुलाकात हुई और बाद में वे सीरिया स्थित आईएसआईएस हैंडलर इब्राहिम अल-कुरैशी के संपर्क में आए। दिल्ली वाला अदनान पहले ही खलीफा अबू हफ्स अल-हाशिमी अल-कुरैशी को बैअत (निष्ठा की शपथ) दे चुका था। वीडियो बनाकर हैंडलर को भेजा गया था, जिसका उद्देश्य विदेशी मॉड्यूल को विश्वसनीयता और समर्पण दिखाना था।
डिजिटल भर्ती की मिली थी अहम जिम्मेदारी
जांच में सामने आया है कि दोनों अदनान खान उर्फ अबू मोहम्मद और मोहम्मद अदनान खान उर्फ अबू मुहरिब को ऑनलाइन माध्यमों से कट्टरपंथी युवाओं की डिजिटल भर्ती कराने की जिम्मेदारी उनके आकाओं ने सौंपी थी।
दिल्ली में रहने वाला अदनान वीडियो एडिटिंग करता था, जबकि भोपाल में रहने वाला अदनान कंटेंट सिलेक्शन और रील वितरण का कार्य संभालता था। दोनों ने मिलकर जिहादी वीडियो में भडक़ाऊ नारे, आवाजें और हिंसात्मक कैप्शन जोडक़र उन्हें भारत में प्रसारित किया।
स्लीपर सेल की पड़ताल में जुटी खुफिया एजेंसियां
पाकिस्तान के जरिये भारत-फोकस्ड मॉडल पर काम करना नई रणनीति का संकेत है। दिल्ली और भोपाल में पकड़े गए यह युवा इस हाइब्रिड ऑपरेशन के पहले सेल के रूप में देखे जा रहे हैं। इसी कारण राष्ट्रीय स्तर की एजेंसियां अब उनके विदेशी नेटवर्क, ऑनलाइन साथियों और संभावित स्लीपर सेल की पड़ताल कर रही हैं।
भोपाल पुलिस में तैनात सुरक्षा एजेंसियों को नहीं लगी जानकारी
भोपाल रहकर संदिग्ध आतंकी अदनान इतने बड़े नेटवर्क को खड़ा करता रहा, लेकिन भोपाल की सुरक्षा एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब खुफिया एजेंसियों ने अदनान के भोपाल में दबोच लिया। केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट पर भोपाल एटीएस ने करोंद इलाके से आदनान खान उर्फ अबू मोहम्मद को गिरफ्तार किया। सूत्रों के अनुसार आदनान ने पूछताछ में सीरिया स्थित आईएसआईएस हैंडलर के जरिए वर्तमान खलीफा अबू हफ्स अल-हाशिमी अल-कुरैशी को ‘बैअत’ देने की बात स्वीकारी है।
भोपाल में बढ़ाई सतर्कता पुलिस बल तैनात
संदिग्ध आतंकी के पकड़ाने के बाद भोपाल पुलिस एक्टिव मोड पर आ गई है। राजधानी भोपाल के संवेदनशील इलाकों पर पुलिस बल की तैनानी की गई है। त्योहारी सीजन के चलते भोपाल के लगभग हर इलाके में भीड़ है। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कमिश्रर हरिनारायणचारी मिश्र ने सभी पुलिस अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
नजर रखी जा रही है
त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए राजधानी भोपाल के सभी इलाकों पर पुलिस बल तैनात है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। जांच एजेंसियों कई एंगल पर काम कर रही है।
– हरिनारायणचारी मिश्र, कमिश्रर, भोपाल







