नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की अपर मुख्य सचिव ने की समीक्षा

नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की अपर मुख्य सचिव ने की समीक्षा
भोपाल, यशभारत। मध्यप्रदेश में नवीन आपराधिक कानूनों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मंत्रालय में अपर मुख्य सचिव (गृह) शिव शेखर शुक्ला की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में न केवल नए कानूनों की प्रगति पर चर्चा हुई, बल्कि प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा और साइबर अपराध जैसे गंभीर विषयों पर भी विस्तृत रणनीति बनाई गई।
फॉरेंसिक और पुलिस आधुनिकीकरण पर जोर
बैठक में आपराधिक न्याय प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और तीव्र बनाने के लिए फॉरेंसिक व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विशेष चर्चा हुई। नए कानूनों के तहत साक्ष्यों के संकलन में तकनीक के उपयोग, जेल प्रबंधन में सुधार और पुलिस आधुनिकीकरण को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही, आतंकवाद निरोध, मादक पदार्थ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन जैसे राज्य से जुड़े विशिष्ट मुद्दों की भी गहन समीक्षा की गई।
केंद्र और राज्य के बीच समन्वय
बैठक की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें भारत सरकार के गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव (आंतरिक सुरक्षा–II) निष्ठा तिवारी एवं संयुक्त निदेशक अमृता डेस विशेष रूप से उपस्थित रहीं। अतिथियों का स्वागत पुलिस महानिरीक्षक एवं सचिव (गृह) कृष्णावेणी देशावतु ने किया।
इन विभागों की रही सहभागिता
बैठक में गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा विधि एवं विधायी कार्य, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक अभियोजन, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) और मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी भी शामिल हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि विभागों के इस समन्वय से प्रदेश में न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।







