मेडिकल अस्पताल में किस काम की यूडीसी कंपनी: 75 साल के वृद्ध को नसीब नहीं हुई व्हीलचेयर


जबलपुर, यशभारत। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी न हो इसके लिए निजी ठेका कंपनी यूडीसी को नियुक्त किया गया है। कंपनी के अंतर्गत काम करने वाले कर्मियों का दायित्व है कि वह मरीजों की पूरी तरह से देखभाल करें लेकिन मंगलवार को पुरानी बिल्डिंग ओपीडी में सतना से आए 75 साल के वृद्ध को व्हीलचेयर तक नसीब नहीं हुई। यही नहीं कंपनी के तहत मरीजों को एडवाइज देने वाले युवक-युवती भी नजर नहीं आए जबकि इसके लिए मेडिकल प्रबंधन और सरकार लाखों रूपए खर्च कर रही है।

मरीज के आंसू निकले, पर सुनने वाला कोई नहीं था
गंभीर बीमारी को लेकर सतना से जबलपुर मेडिकल पहुंचे 75 साल राम स्वरूप ने बताया कि सुबह से दोपहर तक ओपीडी के बाहर खड़ा था लेकिन व्हीलचेयर तक नसीब नहीं हुई। दर्द से कराह रहा था लेकिन मेडिकल में तैनात किसी भी कर्मचारी का दिल नहीं पसीजा। लंबी जद्दोजहद के बाद ओपीडी में दाखिल हुआ और डॉक्टरों से इलाज कराया।
काले कोट के युवक-युवती किस काम के
यूडीसी कंपनी के अंतर्गत मरीजों को सही सलाह और उचित इलाज उपलब्ध कराने के लिए काले कोट वाले कुछ युवक-युवतियों की भर्ती की गई है। इनको अच्छी-खासा वेतन हर माह दिया जा रहा है लेकिन जानकर हैरान होगी कि इनके कामों से मरीजों को क्या फायदा आज तक पहुंचा है इसका हिसाब-किताब मेडिकल प्रबंधन के पास तक नहीं है। बताया जा रहा है कि इन युवक-युवतियों की नियुक्ति इसलिए की गई थी कि मेडिकल पहुंचने वाले गरीब मरीजों को सही इलाज मिले सकें। डॉक्टर परामर्श से लेकर बेड में भर्ती कराने का काम इन युवक-युवतियों का है लेकिन इनके द्वारा उन लोगों की सेवा की जाती है जिनके लिए अधिकारी कहते हैं।

पीने के लिए पानी तक नहीं
मेडिकल अस्पताल में मूलभूत सुविधाएं भी भगवान भरोसे हो चुकी है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि मरीजों को पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा है। पन्ना जिले से इलाज कराने पहुंचे मरीज वीर कुमार ने बताया कि पानी के लिए रैन बसेरा पहुंचना पड़ता है, मेडिकल परिसर में पानी की किल्लत है। यही नहीं किस डॉक्टर के पास इलाज कराने जाए इसकी जानकारी देने वाला भी कोई नहीं है।
इनका कहना है
यूडीसी कंपनी किस तरह से कामकाज कर रही है, इसकी समीक्षा की जाएगी। मरीजों को क्यों मेडिकल में परेशानी हो रही है इस संबंध में अधिकारियों से भी पूछताछ होगी।
डॉ. इलैयाराजा टी, कलेक्टर







