स्टेमफील्ड स्कूल में रॉकेट्री प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने दिखाया वैज्ञानिक कौशल
रॉकेट बनाए, लॉन्च किए और सीखा विज्ञान का व्यावहारिक पाठ

जबलपुर, यश भारत। विजय नगर स्थित स्टेमफील्ड इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रॉकेट्री प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में करीब 200 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार रॉकेटों के सफल प्रक्षेपण ने आयोजन को खास बना दिया। प्रतियोगिता को विद्यार्थियों की आयु और कौशल के अनुसार तीन वर्गों में बांटा गया। एलिमेंट्री वर्ग में पेपर रॉकेट, जबकि जूनियर और सीनियर वर्ग में हाइड्रो रॉकेट तैयार कराए गए। विद्यार्थियों ने रॉकेट के डिजाइन, निर्माण और प्रक्षेपण के माध्यम से विज्ञान के व्यावहारिक प्रयोगों का प्रदर्शन किया।

‘स्टेम अस्त्र’ का हुआ सफल प्रक्षेपण
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण स्टेमफील्ड इनोवेशन हब द्वारा विद्यार्थियों के सहयोग से तैयार किया गया विशेष रॉकेट ‘स्टेम अस्त्र’ रहा। कार्यक्रम में इसका विधिवत उद्घाटन किया गया और सफल प्रक्षेपण के बाद विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। इस दौरान विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक प्रयोगों और रॉकेट तकनीक के प्रति अपनी जिज्ञासा का भी प्रदर्शन किया।
निर्णायक मंडल ने सराहा विद्यार्थियों का हुनर

यश भारत के संस्थापक आशीष शुक्ला, स्टेमफील्ड इंटरनेशनल स्कूल प्रबंधक पर्व जायसवाल, प्राचार्या मनमीत कोहली और स्टेमफील्ड इंटरनेशनल स्कूल बलदेवबाग की प्राचार्या रजनी घई ने निर्णायक मंडल के रूप में विद्यार्थियों के मॉडल और प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। निर्णायकों ने विद्यार्थियों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तकनीकी कौशल और नवाचार की सराहना की।
एयरो मॉडलिंग और फ्लाइंग प्रतियोगिता भी होगी
स्कूल प्रबंधन के अनुसार विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ प्रयोग, अनुसंधान और तकनीकी निर्माण से जोड़ना इस आयोजन का उद्देश्य है। आगामी आयोजनों में विद्यार्थियों के सहयोग से बड़े रॉकेट मॉडल तैयार करने की योजना है। साथ ही एयरो मॉडलिंग और फ्लाइंग प्रतियोगिताओं को भी शामिल किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को एयरोस्पेस और उड़ान तकनीक के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। रॉकेट्री प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, टीमवर्क, समस्या समाधान और नवाचार की भावना को बढ़ावा मिला। आयोजन ने ‘सीखो, प्रयोग करो और नवाचार करो’ के संदेश को सार्थक करते हुए विद्यार्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया।







