झारखंड में छात्र आंदोलन उग्र, देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ी; आज बंद, सरकार ने संवाद का दिया भरोसा
रांची,यश भारत

रांची,यश भारत। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को रांची में विधानसभा मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।
आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत भी बिगड़ गई है। वह कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। सोमवार को कमजोर हालत के बावजूद वह विधानसभा मार्च में शामिल हुए। उन्हें पहले एंबुलेंस और बाद में स्ट्रेचर के जरिए प्रदर्शन स्थल तक लाया गया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया।इधर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के आंदोलन के बीच सोशल मीडिया पर खुला पत्र जारी कर युवाओं से संवाद और विश्वास के साथ समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने वाले छात्रों के अधिकारों का सम्मान करने की बात कही है। सरकार की ओर से बातचीत के जरिए गतिरोध खत्म करने का संदेश दिया गया है। वहीं, विधानसभा मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा ने मंगलवार को झारखंड बंद का आह्वान किया है। बंद को लेकर प्रदेश की राजनीति और अधिक गरमा गई है।
छात्र संगठनों का कहना है कि जेपीएससी-जेएसएससी की परीक्षाओं से जुड़े विवादों और कथित गड़बड़ियों पर सरकार को स्पष्ट और ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। दूसरी ओर, सरकार संवाद के जरिए समाधान का रास्ता तलाशने की बात कह रही है। ऐसे में अब निगाहें छात्र संगठनों और सरकार के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी हैं।लगातार बढ़ते आंदोलन, छात्र नेता की बिगड़ती तबीयत और विपक्ष के बंद के ऐलान ने झारखंड सरकार के सामने चुनौती बढ़ा दी है। परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े इस विवाद का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन के और व्यापक होने की आशंका बनी हुई है।







