
जबलपुर, यशभारत। गोसलपुर थाना क्षेत्र में एक सेवानिवृत्त सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) के सूने मकान में चोरी की वारदात के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि चोरी की घटना के सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच तक नहीं की। इतना ही नहीं, थाना प्रभारी पर शिकायतकर्ता के साथ अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार, गोसलपुर में स्टेट बैंक के पास रहने वाले सेवानिवृत्त सहायक उपनिरीक्षक अवध भूषण दुबे का मकान बंद था। 30 जुलाई की सुबह करीब 6:40 बजे पड़ोस में रहने वाले उनके भाई ने देखा कि मकान के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ है और दरवाजे खुले पड़े हैं।
रिटायर्ड पुलिस अधिकारी के घर चोरी
देखा तो कमरों में रखा सामान बिखरा पड़ा था और पेटियां खुली हुई थीं। सूचना मिलने पर अवध भूषण दुबे मौके पर पहुंचे और जांच करने पर पता चला कि घर से करीब 3 ग्राम सोने के टॉप्स, एक जोड़ी चांदी की पायल, दो नई साड़ियां, एक जोड़ी शर्ट-पैंट और अन्य सामान सहित लगभग 50 हजार
चोर बेखौफ हैं, कानून और सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
पीड़ित परिवार का आरोप है कि 30 जुलाई की रात करीब 2 बजे तीन अज्ञात चोर घर का ताला तोड़कर अंदर घुसे, जिनकी गतिविधियां घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं। इसके बावजूद पुलिस ने न तो फुटेज जब्त किए और न ही
घटनास्थल का निरीक्षण किया।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि जब सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी शिकायत लेकर गोसलपुर थाने पहुंचे तो थाना प्रभारी ने कथित रूप से कहा, चोरी होती रहती है… जहां शिकायत करना हो कर लो, जब स्टाफखाली होगा तब देख लेंगे। पीड़ित का यह भी आरोप है कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। घटना के बाद पीड़ित परिवार न्याय की आस में अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर है। सवाल यह उठ रहा है कि जब एक पूर्व पुलिस अधिकारी की शिकायत पर भी तत्काल कार्रवाई नहीं हो रही, तो आम नागरिकों को समय पर न्याय और सुरक्षा कैसे मिलेगी। अब पीड़ित परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और संबंधित पुलिस अधिकारियों के रवैये की जांच की मांग की है।







