सद्भाव के बीच मनाया मेल-मिलाप का पर्व कजलियां, गले मिलकर दी शुभकामनाएं, दूर किए गिले-शिकवे, गाटरघाट में कजलियां मेला आज

कटनी, यशभारत। रक्षाबंधन के बाद आज कजलियां का पर्व मनाया जा रहा है। आपसी भाईचारे और सौहार्द के महापर्व कजलियां के अवसर पर लोग एक दूसरे को गले मिलकर शुभकामनाएं दे रहे हैं। सुबह से नदीघाटों और तालाबों में कजलियां का विसर्जन भी किया जा रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गले मिलकर एक दूसरे के गिले शिकवे दूर होते है। बड़े-बुजूर्ग छोटों को आशीर्वाद देते है। वहीं अपने से बराबरी के लोगों को बधाइयां दी जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस पर्व को एक विशेष महत्व है। कजलियां को लेकर महिलाओं और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिलता है। बच्चों को कजलियां देने के बाद शगुन के रूप में बड़े उन्हें रुपए-पैसे दे कर खुशी जाहिर करते हैं।
सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बारडोली उत्सव समिति द्वारा गाटरघाट में आज 29 एवं 30 अगस्त को कजलियां मेले का आयोजन किया जा रहा है। दो दिवसीय मेला उत्साह, उमंग और उल्लास के माहौल में संपन्न होगा। मेले में बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के मनोरंजन के लिए विविध आकर्षण मौजूद रहेंगे। आयोजन में झूले, मिकी माउस, विभिन्न खान पान के स्टॉल तथा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण होंगे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय सनातन परंपराओं एवं लोक संस्कृति की समृद्ध विरासत को जीवंत स्वरूप प्रदान किया जाएगा।
धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का प्रयास
बारडोली उत्सव समिति के अध्यक्ष सुनील मिश्रा, सचिव अभिषेक ताम्रकार, शालिनी सोनी, उपाध्यक्ष डॉ उषा पांडे, अनु शशांक श्रीवास्तव, रजनी वर्मा, मंजूषा गौतम, कल्पना दुबे, गीता पाठक, सहसचिव उमाकांत बांगर, प्रचार.प्रसार मंत्री निक्की सित्रे, सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी मंजू सोनी, सीमा रजक सहित समिति के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य आयोजन को सपुल बनाने में जुटे हुए हैं। कार्यक्रम संयोजक राजू रजक एवं सह संयोजक मनोज निगम और विष्णु बाजपेई के नेतृत्व में तैयारियां जारी हैं। प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी राजेश पटेल एवं विपिन दुबे संभाल रहे हैं। समिति ने नगरवासियों से अपील की है कि वे परिवार सहित मेले में सहभागी बनकर सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के इस सामूहिक प्रयास को अपना सहयोग प्रदान करें।
पवई में उत्साह के बीच मना रक्षाबंधन, मिठास और भावनाओं से सराबोर रहा दिन
श्रावणी पूर्णिमा पर मनाया जाने वाला भाई-बहन के स्नेह का महापर्व रक्षाबंधन पवई नगर समेत पूरे अंचल में पूरे जोश के साथ मनाया गया। प्रात:काल से ही घर आंगन में उत्सव जैसा माहौल रहा। बहनों ने थाल सजाकर भाइयों का तिलक-वंदन किया। आरती उतारी और रक्षा सूत्र बांधकर उनके मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। भाइयों ने सामथ्र्य अनुसार नेग देकर सदैव सुरक्षा का वचन दिया। घरों में मिष्ठान वितरण और बधाइयों का दौर चलता रहा। पर्व के दौरान सबसे मनोहारी दृश्य नन्हे-मुन्ने भैया बहनों का रहा। छोटे-छोटे बच्चों में एक दूसरे के प्रति जो आत्मीय प्रेम और निश्छल स्नेह देखने को मिला। उसने सबका मन मोह लिया। छोटी-छोटी बहनें जब अपने नन्हे भाइयों की कलाई पर राखी बांध रही थीं और भाई तोहफे के रूप में टॉफी चॉकलेट दे रहे थे तो यह दृश्य बड़ा ही भावुक और आकर्षक लग रहा था। पर्व से पूर्व से ही हाट बाजारों मे रोनक रही। शुक्रवार को भी राखी, उपहार और मिष्ठान की दुकानों पर ग्राहकों मेला जैसी भीड़ रही। रंग-बिरंगे धागों से सजी राखी दुकानों ने बाजार की शोभा दोगुनी कर दी। वही दूसरी ओर काम की तलाश में महानगरों में जीविकोपार्जन कर रहे भाई बहनों ने तकनीक का सहारा लिया। किसी ने स्पीड पोस्ट से राखी भेजी तो किसी ने वीडियो कॉल पर ही रस्म अदायगी कर दिल की दूरी मिटा ली। शहर हो या देहात, सर्वत्र दिनभर रिश्तों की गर्मजोशी और आत्मीयता की बयार बहती रही।






