
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के आठवें दिन सोमवार को लोकसभा में पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक-2026 पेश किया गया। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के तीव्र हंगामे के बीच विधेयक सदन के पटल पर रखा। हालांकि, लगातार शोर-शराबे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
संसद में आज का मुख्य मुद्दा नीट पेपर लीक, छात्र आंदोलन और प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कथित पुलिस बल प्रयोग रहा। इन मुद्दों पर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। सरकार की ओर से विधेयक पर विस्तृत चर्चा के लिए युवा सांसदों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि विपक्ष सरकार की परीक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मामलों पर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।
इस बीच शिक्षा मंत्रालय में हुए बदलाव के बाद नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के सदन में सरकार का पक्ष रखने की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाला है। माना जा रहा है कि वे नई शिक्षा नीति, परीक्षा सुधारों और पेपर लीक रोकने के लिए सरकार की रणनीति पर विपक्ष के सवालों का जवाब देंगे।
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से लाया गया यह संशोधन विधेयक मौजूदा मानसून सत्र में ही पारित कराने का प्रयास किया जाएगा। वहीं विपक्ष ने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा और जवाबदेही की मांग दोहराई है। संसद में इस विषय पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।







