भोपाल डबल मर्डर: बड़े तालाब से हत्या में इस्तेमाल दोनों पिस्टल बरामद, मुख्य आरोपी की पत्नी और बेटा भी गिरफ्तार

भोपाल डबल मर्डर: बड़े तालाब से हत्या में इस्तेमाल दोनों पिस्टल बरामद, मुख्य आरोपी की पत्नी और बेटा भी गिरफ्तार
धोखे से दानपत्र लिखवाकर हड़पना चाहते थे करोड़ों की प्रॉपर्टी, मकान बेचने की भनक लगते ही रची खौफनाक साजिश
भोपाल, यशभारत। राजधानी के बहुचर्चित रिटायर्ड दंपती हेमंत फिलेमोन और शकुंतला बारीक फिलेमोन हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात में इस्तेमाल की गईं दोनों पिस्टल वीआईपी रोड स्थित बड़े तालाब में राजाभोज प्रतिमा के पास से बरामद कर ली हैं। वहीं, मामले के मुख्य आरोपी की पत्नी और बेटे को भी साजिश और सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस रिमांड पर लिए गए दोनों मुख्य आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है।
धोखे से बनवाया गिफ्ट डीड, फिर रची हत्या की साजिश
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार, आरोपियों ने कुछ समय पहले इटारसी में दंपती का एक प्लॉट बिकवाया था। इसी दौरान दस्तावेज तैयार करते समय कथित तौर पर धोखे से एक गिफ्ट डीड भी तैयार करा लिया गया था। इसमें लिखा गया था कि दंपती की मौत के बाद सुदामा नगर स्थित उनकी करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी दोनों भाइयों के नाम हो जाएगी। आरोपियों को उम्मीद थी कि समय आने पर पूरी संपत्ति उन्हें मिल जाएगी, लेकिन बाद में दंपती ने अपना मकान बेचने का फैसला कर लिया। यहीं से पूरी साजिश ने नया और खौफनाक मोड़ ले लिया।
जब आरोपियों को पता चला कि दंपती ने सुदामा नगर के मकान को बेचने का सौदा लगभग तय कर लिया है, तो उन्हें लगा कि अब इस गिफ्ट डीड का कोई फायदा नहीं रहेगा। इसके बाद उन्होंने करीब दो महीने पहले ही हत्या की योजना बना ली। पुलिस के मुताबिक, श्रीकांत ने शाजापुर से करीब 1.25 लाख रुपये में दो पिस्टल खरीदीं। आरोप है कि इसके लिए उसने अपनी पत्नी के जेवर तक बेच दिए थे। वारदात के लिए जानबूझकर तेज बारिश का समय चुना गया ताकि गोली चलने की आवाज आसपास के लोगों तक न पहुंचे।
शक से बचने अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए आरोपी
हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए दोनों पिस्टल बड़े तालाब में राजाभोज प्रतिमा के पास फेंक दी थीं, जिन्हें पुलिस ने गुरुवार को गोताखोरों की मदद से बरामद कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि खुद को बेकसूर साबित करने और पुलिस के शक से बचने के लिए दोनों आरोपी दंपती के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए थे। बाद में जब पूछताछ के लिए बुलाया गया, तो मुख्य आरोपी श्रीकांत खुद को कानूनन मजबूत दिखाने के लिए तीन वकीलों को साथ लेकर पुलिस के सामने पहुंचा था।
1500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले, अन्य की भूमिका भी संदिग्ध
इस सनसनीखेज मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस की 20 टीमों ने दिन-रात एक कर दिया। इस दौरान 1500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए और 100 से अधिक संदिग्धों व करीबियों से पूछताछ की गई। पुलिस ने दंपती की भाभी शिवानी से भी लगातार पूछताछ की है ताकि यह साफ हो सके कि इस पूरी साजिश, गिफ्ट डीड या सबूत मिटाने में उनकी क्या भूमिका थी। हालांकि, अभी उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों पर आधारित है और जल्द ही कुछ और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।







