रेलवे का पल्स पोलियो अभियान सफलतापूर्वक संपन्न, 2,841 बच्चों को मिली सुरक्षा की खुराक

रेलवे का पल्स पोलियो अभियान सफलतापूर्वक संपन्न, 2,841 बच्चों को मिली सुरक्षा की खुराक
भोपाल, यशभारत। बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने तथा राष्ट्रव्यापी पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेल, भोपाल मंडल द्वारा आयोजित तीन दिवसीय विशेष अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। 28 से 30 जून तक चले इस विशेष अभियान के तहत चिकित्सा विभाग की टीमों ने रेलवे एवं गैर-रेलवे परिवारों के कुल 2,841 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई।
यह पूरा अभियान मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय डोगरा के निर्देशन में संचालित किया गया। इस दौरान रेलवे के चिकित्सा विभाग की टीमों ने भोपाल सहित मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों और लंबी दूरी की कई प्रमुख ट्रेनों में व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया। जिन प्रमुख ट्रेनों में बच्चों को दवा पिलाई गई, उनमें झेलम एक्सप्रेस, पंजाब मेल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, कामायनी एक्सप्रेस, राजकोट एक्सप्रेस, कर्नाटक एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस तथा भोपाल-बीना मेमू ट्रेन शामिल हैं।
अभियान के पहले दिन 28 जून को रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों और कॉलोनियों में विशेष बूथ स्थापित कर सबसे अधिक 2,471 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गई। दूसरे दिन 29 जून को रेलवे परिवारों के 210 और बाहरी (गैर-रेलवे) परिवारों के 30 बच्चों सहित कुल 240 बच्चों को खुराक दी गई। वहीं, अभियान के तीसरे व अंतिम दिन 30 जून को रेलवे परिवारों के 89 तथा गैर-रेलवे परिवारों के 41 बच्चों सहित कुल 130 बच्चों को कवर किया गया।
तीन दिनों के इस अभियान के दौरान पूर्वी रेलवे कॉलोनी, कोच रिपेयर रेलवे कॉलोनी, निशातपुरा, हबीबगंज रेलवे कॉलोनी तथा भोपाल रेलवे स्टेशन पर विशेष टीकाकरण केंद्र बनाए गए थे। चिकित्सा टीमों ने न केवल बच्चों को दवा पिलाई, बल्कि मौके पर मौजूद अभिभावकों को भी जागरूक किया कि वे 0 से 5 वर्ष तक के अपने प्रत्येक बच्चे को हर पल्स पोलियो अभियान में अनिवार्य रूप से दवा पिलाएं।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि इस अभियान की सफलता में चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, रेलवे कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और जागरूक अभिभावकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे भविष्य में भी आयोजित होने वाले प्रत्येक पल्स पोलियो अभियान में अपने बच्चों को भागीदारी सुनिश्चित कराएं, ताकि पोलियो मुक्त भारत के राष्ट्रीय संकल्प को पूरी तरह साकार किया जा सके।






