कटनीमध्य प्रदेश

जेल में बंदियों के अधिकारों पर न्यायपालिका की नजर

जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने औचक निरीक्षण कर भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्थाओं की परखी हकीकत

जेल में बंदियों के अधिकारों पर न्यायपालिका की नजर

जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने औचक निरीक्षण कर भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्थाओं की परखी हकीकत02 3

कटनी, यशभारत। जिला जेल कटनी में शनिवार को न्यायपालिका की सक्रियता उस समय देखने को मिली, जब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जितेन्द्र कुमार शर्मा तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री जे.पी. चिडार ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, मानवाधिकारों के संरक्षण और जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं का जायजा लेना रहा।

निरीक्षण के दौरान न्यायाधीशों ने पुरुष एवं महिला बैरकों का भ्रमण कर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और वेंटिलेशन की स्थिति देखी तथा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके बाद जेल की रसोई में भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण कर बंदियों को स्वच्छ, पौष्टिक एवं समय पर भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

न्यायाधीशों ने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और यह भी जाना कि उन्हें विधिक सहायता समय पर मिल रही है या नहीं। जिन बंदियों के पास अधिवक्ता उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें निःशुल्क शासकीय अधिवक्ता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

जेल अस्पताल का निरीक्षण कर बीमार बंदियों के उपचार, दवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई। जेल चिकित्सक को बरसात के मौसम में संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए।

निरीक्षण के समापन पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जेल प्रशासन से कहा कि बंदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए योग, कौशल विकास एवं शिक्षा संबंधी गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक लौट सकें।

निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं व्यवहार न्यायाधीश श्रीमती मृणालिनी सिंह, जेल अधीक्षक एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button