उपज बेचने तीन-चार दिन इंतजार, पटोरी साइलो केंद्र पर फूटा किसानों का गुस्सा, स्लॉट बुकिंग और अव्यवस्थाओं को लेकर सडक़ पर दिया धरना

कटनी, यशभारत। बहोरीबंद तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पटोरी साइलो खरीदी केंद्र पर पिछले कई दिनों से जारी किसानों की परेशानियां अब आक्रोश में बदल चुकी हैं। अनाज बेचने के लिए भीषण गर्मी में दो से तीन दिनों तक लंबी कतारों में इंतजार करने को मजबूर किसानों का सब्र शनिवार को टूट गया। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने साइलो केंद्र के बाहर उग्र प्रदर्शन करते हुए सलैया सिहोरा मार्ग पर चकाजाम कर दिया और सडक़ पर ही धरने पर बैठ गए। किसानों का आरोप है कि पटोरी साइलो केंद्र पर कुप्रबंधन का बोलबाला है। अपनी सालभर की गाढ़ी कमाई गेहूं को बेचने आए किसानों को न तो समय पर टोकन मिल पा रहे हैं और न ही उनकी उपज की तुलाई हो रही है। ट्रैक्टर ट्रॉलियों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लगी हुई हैं। सबसे बदतर स्थिति बुनियादी सुविधाओं की है इस तपती गर्मी में केंद्र पर किसानों के लिए न तो छांव शेड की कोई व्यवस्था है और न ही पीने के साफ पानी के इंतजाम हैं। शनिवार देर शाम स्थिति उस समय गंभीर हो गई जब संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों और पीडि़त किसानों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। किसानों ने सलैया सिहोरा मुख्य मार्ग को पूरी तरह बाधित कर दिया, जिससे सडक़ के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। किसानों का कहना था कि प्रशासन की लापरवाही के कारण उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। किसानों की मांग है कि जिन किसानों के पूर्व में बुक किए गए स्लॉट की तारीख निकल चुकी है लैप्स हो गए हैं, उन्हें दोबारा मौका दिया जाए और नए स्लॉट तुरंत खोले जाएं। साइलो केंद्र पर गेहूं की तुलाई का काम बिना रुके चौबीसों घंटे 24 घंटे शिफ्ट में किया जाए ताकि कतारें कम हो सकें। जिन किसानों को तकनीकी या अन्य दिक्कतों के कारण परेशानी आ रही हैए उनके लिए स्लॉट ट्रांसफर की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। केंद्र परिसर में किसानों के लिए पर्याप्त छांव टेंट शेड और ठंडे पेयजल की तत्काल व्यवस्था की जाए।
एसडीएम के आश्वासन के बाद खुला जाम
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अनुविभागीय अधिकारी ने प्रदर्शनकारी किसानों और संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों से सीधे बात की। एसडीएम ने किसानों की मांगों को जायज मानते हुए उन्हें जल्द से जल्द पूरा करने और साइलो केंद्र की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का आश्वासन दिया। प्रशासनिक आश्वासन और स्लॉट की समस्याओं के त्वरित निराकरण के भरोसे के बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त किया और सडक़ से हटे, जिसके बाद मार्ग पर आवागमन दोबारा बहाल हो सका। हालांकिए किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 से 48 घंटों में वादे के मुताबिक जमीनी सुधार नहीं दिखे, तो वे बड़े पैमाने पर दोबारा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।






