यशभारत” की खबर के बाद प्रशासन सक्रिय, खुसरा गांव में 2 हजार लीटर टंकी से शुरू हुई जलापूर्ति
जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों को मिली आंशिक राहत, जल जीवन मिशन के तहत स्थायी समाधान पर भी तेजी से काम जारी

“यशभारत” की खबर के बाद प्रशासन सक्रिय, खुसरा गांव में 2 हजार लीटर टंकी से शुरू हुई जलापूर्ति
जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों को मिली आंशिक राहत, जल जीवन मिशन के तहत स्थायी समाधान पर भी तेजी से काम जारी

कटनी, यशभारत।जिले के रीठी विकासखंड अंतर्गत ग्राम खुसरा में लंबे समय से जारी पेयजल संकट को लेकर “सांध्य दैनिक यशभारत” में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। ग्रामीणों को राहत देने के लिए तत्काल प्रभाव से पेयजल आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की गई है।
ग्राम में वर्तमान में 2 हजार लीटर क्षमता की पानी की टंकी के माध्यम से नियमित रूप से पेयजल आपूर्ति की जा रही है, जिससे ग्रामीणों को आंशिक राहत मिल रही है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री पवनसुत गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम में मुख्य बस्ती से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित नलकूप से पाइप लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इस पाइप लाइन के माध्यम से पानी टंकी तक जल पहुंचाया जा रहा है, जिसके बाद गांव में नियमित जल वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था फिलहाल अस्थायी समाधान के रूप में लागू की गई है, ताकि ग्रामीणों को तत्काल राहत मिल सके और पेयजल संकट को नियंत्रित किया जा सके।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले काफी समय से गांव में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई थी। गर्मी बढ़ने के साथ हालात और अधिक खराब हो गए थे, जिससे लोगों को पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा था, लेकिन मीडिया में मामला उजागर होने के बाद प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए।
वहीं, विभागीय अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राम खुसरा में दीर्घकालिक और स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत कार्य प्रगति पर है। इस योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा पवई-2 समूह जल प्रदाय योजना के माध्यम से ग्राम को जोड़ा जा रहा है। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद गांव के प्रत्येक घर तक नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि इस योजना के पूर्ण होते ही ग्राम खुसरा और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल संकट स्थायी रूप से समाप्त हो सकेगा। फिलहाल टंकी आधारित जलापूर्ति व्यवस्था से ग्रामीणों को राहत देने का प्रयास जारी है और विभाग द्वारा इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से उम्मीद जताई है कि जिस तरह तत्काल व्यवस्था की गई है, उसी तरह स्थायी समाधान भी जल्द पूरा किया जाएगा, ताकि भविष्य में पानी की समस्या का सामना न करना पड़े।







