कांग्रेस संगठन में सर्जरी की तैयारी कई जिलाध्यक्षों की परफॉर्मेंस पर सवाल, दिग्गजों पर गिर सकती है गाज
भोपाल यश भारत। मध्यप्रदेश कांग्रेस में संगठन को मजबूती देने के लिए बड़े बदलाव की आहट सुनाई देने लगी है। पार्टी नेतृत्व अब अपने ही पदाधिकारियों की कार्यशैली को लेकर सख्त रुख अपना रहा है। संगठन सृजन अभियान के तहत जिलाध्यक्षों की परफॉर्मेंस की समीक्षा में कई बड़े चेहरे उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं, जिससे संगठन के भीतर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी के निर्देश पर चल रहे इस अभियान के तहत ऑल इंडिया कांग्रेस की ओर से मध्यप्रदेश भेजे गए पर्यवेक्षक ने जिलों का फीडबैक लिया। इस समीक्षा में करीब 12 जिलाध्यक्षों की रिपोर्ट चिंताजनक पाई गई है। बताया जा रहा है कि कमजोर प्रदर्शन करने वालों में कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं जो जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाने में अपेक्षित स्तर पर सफल नहीं रहे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इन जिलाध्यक्षों की विस्तृत रिपोर्ट अब राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजी जा रही है। दिल्ली से मंजूरी मिलने के बाद कमजोर प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। माना जा रहा है कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस संगठन में बड़े पैमाने पर फेरबदल कर सकती है। इधर इंदौर कांग्रेस संगठन में भी बदलाव की आहट है। शहर इकाई की कार्यशैली और हालिया बयानों को लेकर पार्टी नेतृत्व में नाराजगी की चर्चा है। ऐसे में इंदौर शहर अध्यक्ष के पद पर भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। कुल मिलाकर कांग्रेस अब संगठन को धार देने के लिए कठोर फैसले लेने के मूड में नजर आ रही है जिसमें बड़े नेताओं पर भी कार्रवाई से परहेज नहीं किया जाएगा।
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