सागर (यश भारत संभागीय ब्यूरो)/ जिले के कर्रापुर इलाके में सुबह किसी डरावनी फिल्म के मंजर जैसी रही। राजा ढाबा के पास सड़क किनारे पड़े एक खून से सने बोरे ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। जब पुलिस ने रस्सी से बंधे उस बोरे को खोला, तो भीतर का नजारा देख पथरा गई लोगों की आंखें। अंदर एक युवक की रक्तरंजित लाश थी, जिसका सिर कुल्हाड़ी के प्रहारों से बुरी तरह कुचला गया था।
कत्ल की ऐसी बेरहमी: खाना खाते वक्त ही काट डाला!
इस हत्याकांड की सबसे रूह कंपा देने वाली तस्वीर तब सामने आई जब देखा गया कि मृतक के हाथ में रोटी और ककड़ी का टुकड़ा अब भी दबा हुआ था। हमला इतना अचानक और भीषण था कि मृतक को अपना आखिरी निवाला निगलने तक का मौका नहीं मिला। हत्यारों ने उसके माथे और सिर पर कुल्हाड़ी से तब तक वार किए जब तक कि उसकी सांसें थम नहीं गईं। हैवानियत का आलम यह था कि युवक का एक कान भी शरीर से अलग मिला।
शुरुआती जांच से साफ है कि यह एक सोची-समझने साजिश थी। महेंद्र अहिरवार (38 वर्ष) की हत्या कहीं और की गई और सबूत मिटाने के लिए उसकी लाश को रस्सी से जकड़कर बोरे में भरा गया। फिर अंधेरे का फायदा उठाकर हत्यारे उसे ढाबे के पास फेंककर गायब हो गए। मृतक बंडा के पास ग्राम भेड़ा का निवासी था और शुक्रवार शाम से ही लापता था। पीछे बिलखती पत्नी और 12 साल की मासूम बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की जानकारी मिलते ही एडिशनल एसपी लोकेश सिन्हा सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। पुलिस के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर निवाला खाते हुए शख्स पर इतनी नफरत से हमला किसने किया? क्या यह कोई पुरानी रंजिश थी या फिर किसी करीबी ने पीठ में छुरा घोंपा है?
पुलिस अब मृतक के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और ढाबे के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है। एडिशनल एसपी का कहना है कि पुलिस हर एंगल पर तफ्तीश कर रही है और कातिल चाहे पाताल में भी छुपा हो, उसे जल्द ही बेनकाब कर सलाखों के पीछे डाला जाएगा। फिलहाल, लाश का पोस्टमार्टम कर शव उसके परिजनों को सौंप दिया गया है इसके बाद उसका अंतिम संस्कार ग्राम में कर दिया गया है। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Back to top button