संसद में गूंजी ‘कलम की आवाज, पत्रकार सुरक्षा पर नीति बनाने की मांग लोकसभा में नर्मदापुरम सांसद ने उठाया मुद्दा, बीमा, सुरक्षा और कल्याण सुविधाओं पर दिया जोर

संसद में गूंजी ‘कलम की आवाज, पत्रकार सुरक्षा पर नीति बनाने की मांग
लोकसभा में नर्मदापुरम सांसद ने उठाया मुद्दा, बीमा, सुरक्षा और कल्याण सुविधाओं पर दिया जोर
नई दिल्ली/भोपाल। लोकसभा में शुक्रवार को पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। नर्मदापुरम सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने शून्यकाल के दौरान कलम की आवाज को बुलंद करते हुए पत्रकारों के लिए व्यापक पत्रकार सुरक्षा एवं कल्याण नीति बनाए जाने की मांग की। सांसद चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माने जाने वाले पत्रकार यदि सुरक्षित नहीं होंगे तो लोकतंत्र की मजबूती भी प्रभावित होगी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि पत्रकारों के लिए ठोस और प्रभावी नीतिगत कदम जल्द उठाए जाएं।
उन्होंने अपने वक्तव्य में पत्रकारों के लिए जीवन बीमा, स्वास्थ्य सुरक्षा, बच्चों की शिक्षा सहायता और कार्य के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसी सुविधाओं को नीति में शामिल करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारिता के नाम पर हो रहे दुरुपयोग पर सख्ती जरूरी है, ताकि इस पेशे की विश्वसनीयता बनी रहे।
सांसद ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता लोकतंत्र की आधारशिला है इसलिए पत्रकारों के अधिकारों के साथ उनकी जवाबदेही भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि पत्रकारों की सुरक्षा और कल्याण के लिए एक समग्र नीति बनाकर उसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाए जिससे देशभर के पत्रकारों को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सके।







