शराब दुकानों के लिए आज फिर हो रहे टेंडर, ज्यादा कमाई वाली दुकानों पर ठेकेदारों की नजर, नई आबकारी नीति में 20 फीसदी तक बढ़ेंगी कीमतें, उमरियापान ग्रुप के लिए 32 करोड़ में हुआ टेंडर

कटनी, यशभारत। शहर में शराब दुकानों के नए सत्र के ठेके की प्रक्रिया शुरू हे गई है। जिसके चलते शराब सिंडिकेट और बड़े ठेकेदारों के बीच जबरदस्त घमासान देखने को मिल रहा है। लायसेंस फीस में 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के चलते वैसे तो शराब ठेकेदारों में टेंडर को लेकर अरूचि देखने को मिल रही है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि मार्च अंत तक दुकानों के टेंडर हो सकते हैं। कटनी जिले में अभी तक उमरियापान ग्रुप के लिए एक टेंडर जमा हुआ था। सिंगल टेंडर आने के कारण 32 करोड़ 15 लाख 9 हजार 993 रूपए में इस टेंडर को जबलपुर के ठेकेदार आकाश जायसवाल को दिया गया है। उमरियापान ग्रुप में उमरियापान ए, उमरियापान बी, रामपुर एवं सिलौंड़ी की शराब दुकान शामिल है। इस बार की ई-टेंडर प्रक्रिया में खास बात यह है कि ठेकेदार व्यक्तिगत रूप से जोखिम उठाने के बजाय समूहों में टेंडर डालने को प्राथमिकता दे रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि कटनी और आसपास के क्षेत्रों में उन दुकानों को लेकर सबसे अधिक प्रतिस्पर्धा है, जिन्होंने पिछले साल शानदार मुनाफा दिया था। कमाई वाली इन दुकानों को हासिल करने के लिए ठेकेदारों ने आपस में तालमेल बिठाकर सिंडिकेट बना लिए हैं। इन समूहों का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक राशि का दांव लगाकर सुरक्षित तरीके से दुकान हथियाना है। सूत्रों की मानें तो कई पुराने ठेकेदारों को पिछले कुछ समय में घाटे का सामना करना पड़ा है, इसलिए वे इस बार फंूक-फंूक कर कदम रख रहे हैं। वे दुकानों के पुराने रिकॉर्डए उनकी लोकेशन और वहां होने वाली दैनिक बिक्री का सूक्ष्म विश्लेषण कर रहे हैं ताकि निवेश पर उचित रिटर्न मिल सके।
14 ग्रुप बनाए विभाग ने
विभागीय सूत्रों ने बताया कि आज 7 मार्च को एक बार फिर टेंडर प्रक्रिया अपनाई जा रही है। उम्मीद है कि आज कई दुकानों के टेंडर हो सकते हैं। विदित हो कि कटनी जिले की 63 देशी-विदेशी शराब दुकानों के लिए 14 ग्रुप बनाए गए हैं। एक ग्रुप में 4 दुकानों को शामिल किया गया है। यदि आज टेंडर नहीं होते हैं तो ग्रुप में दुकानों की संख्या कम करने पर भी विचार किया जा सकता है।
शराब के दामों में होगा इजाफा
शासन की नई आबकारी नीति के तहत शराब की कीमतों में 20 प्रतिशत तक की भारी वृद्धि की गई है। मार्च में टेंडर प्रक्रिया के परिणाम घोषित किए जाएंगे, जिसके बाद नई कीमतें प्रभावी रूप से लागू होने की संभावना है। कीमतों में होने वाली इस संभावित वृद्धि की भनक लगते ही शराब प्रेमियों के बीच हलचल बढ़ गई है। बाजार में यह चर्चा आम है कि आने वाले दिनों में मदिरा और महंगी हो जाएगी, जिसके चलते शौकीन लोग अभी से अपना स्टॉक जमा करने में जुट गए हैं। वहीं आबकारी विभाग का मानना है कि नई कीमतों से राजस्व में वृद्धि होगी, लेकिन इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पडऩा तय है।







