सतना।रंगों के पर्व होली पर जहां सभी उत्सव में डूबे हैं तो वही उचेहरा तहसील के धनेह और पिथौराबाद के ग्रामीण अपने हक के राशन के लिए पानी में खड़े होकर ‘जल सत्याग्रह’ करने को मजबूर हो गए। तीन माह से गेहूं, चावल और नमक नहीं मिलने से परेशान ग्रामीणों का सब्र टूट गया और उन्होंने होली के दिन ही अनशन शुरू कर दिया।
सूचना मिलते ही अपर कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उन्हें शीघ्र राशन वितरण और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने अनशन समाप्त किया।
ग्रामीणों के अनुसार उचेहरा तहसील की 26 शासकीय राशन दुकानों में दिसंबर 2025 से खाद्यान्न का वितरण नहीं हुआ। लगातार शिकायतों के बावजूद खाद्य विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अंततः सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के बाद मामला एसडीएम उचेहरा सुमेश द्विवेदी के संज्ञान में आया।
एसडीएम ने अमले के साथ जांच की तो 3 करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला उजागर हुआ। संबंधित विक्रेताओं को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है। सभी दुकानों को निकटवर्ती दुकानों से संबद्ध कर दिया गया है और उचेहरा थाने में एफआईआर दर्ज करने की अनुशंसा की गई है।
हजारों क्विंटल राशन गायब
जांच में स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक भंडारण में भारी अंतर मिला। दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच कुल:
* 4897 क्विंटल गेहूं
* 4132 क्विंटल चावल
* 44 क्विंटल नमक
* 28 क्विंटल शक्कर दुकानों से गायब पाए गए।
इन दुकानों में लाखों का गबन
एसडीएम की जांच रिपोर्ट के अनुसार परसमनिया, पटीहट, रामपुर पाठा, गढ़ौत, तिघरा, बाबूपुर, बरागढ़ोली, पिथौराबाद, पोड़ी, पिपरीकला, अटरा, नंदहा, तुषगवां, धनेह, मानिकपुर, इटमा खोहरा, पथरहटा, नरहटी, नरहटीरगला, करहीकला, पोड़ीगरादा, करही खुर्द, बांधी मौहार, इचौल, आलमपुर और पिपरिया सहित 26 दुकानों में लाखों रुपये मूल्य का खाद्यान्न गायब मिला। कई दुकानों में 20 लाख रुपये से अधिक की गड़बड़ी सामने आई है।
‘उपभोक्ता भंडार’ संचालन पर सवाल
जानकारों का कहना है कि उचेहरा में अधिकांश राशन दुकानें उपभोक्ता भंडार के रूप में संचालित हैं, जिनका संचालन सतना से किया जाता है। आरोप है कि सत्ताधारी नेताओं के संरक्षण के कारण राशन माफिया पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती। पूर्व में भी गड़बड़ियां पकड़ी गईं, एफआईआर दर्ज हुईं, लेकिन न्यायालय से राहत मिलने के बाद कारोबार फिर शुरू हो गया।
प्रशासन का आश्वासन
अपर कलेक्टर ने भरोसा दिलाया है कि सभी पात्र हितग्राहियों को शीघ्र राशन उपलब्ध कराया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उधर, एसडीएम होली अवकाश के दिन भी गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों के बयान दर्ज कर रहे हैं।
होली के दिन हुआ यह जल सत्याग्रह प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि भूखे गरीबों को न्याय कब तक मिलता है।