मिडिल ईस्ट में जंग जैसे हालात: बहरीन में अमेरिकी एयर बेस पर ईरानी हमला, सऊदी अरब सतर्क
अमेरिका का IRGC ठिकाने तबाह करने का दावा

बहरीन | मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान और इजरायल के बीच जारी हमलों के बीच अब संघर्ष का दायरा खाड़ी देशों तक फैल गया है। बहरीन स्थित अमेरिकी एयर बेस पर ईरानी हमले के बाद हालात और बिगड़ गए हैं, वहीं सऊदी अरब ने भी सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं।
खामेनेई की मौत के बाद भड़की हिंसा
इजरायल और अमेरिका की कार्रवाई में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद क्षेत्र में उबाल आ गया। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और अन्य अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए।
कुवैत में हुए ईरानी मिसाइल हमले में 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई, जबकि 5 अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इजरायल में भी ईरानी मिसाइलों की चपेट में आकर कई लोगों के मारे जाने की खबर है।
बहरीन में अमेरिकी बेस पर हमला
बहरीन में स्थित अमेरिकी एयर बेस को निशाना बनाते हुए ईरान ने हमला किया। इसके बाद अमेरिकी सेना ने कड़ा जवाब देते हुए दावा किया कि उसने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps) के कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को नष्ट कर दिया है।
अमेरिकी सेना के अनुसार, एयर डिफेंस ठिकानों, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स को भी तबाह कर दिया गया है। बयान में कहा गया कि ईरानी शासन से आने वाले खतरों से निपटने के लिए निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी।
ट्रंप का बड़ा बयान
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नई लीडरशिप ने बातचीत की इच्छा जताई है और इस दिशा में योजना बनाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि 48 ईरानी नेताओं को मार गिराया गया है और अंतिम लक्ष्य हासिल होने तक हमले जारी रहेंगे।
सऊदी अरब भी अलर्ट
सऊदी अरब ने क्षेत्रीय अस्थिरता को देखते हुए अपनी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा है। शिया समुदाय के विरोध प्रदर्शनों और संभावित अशांति के मद्देनजर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य टकराव ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।







