नियमितीकरण की मांग को लेकर भोपाल में हुंकार: 30 हजार स्वास्थ्य कर्मचारियों की न्याय यात्रा पर पुलिस का पहरा

नियमितीकरण की मांग को लेकर भोपाल में हुंकार: 30 हजार स्वास्थ्य कर्मचारियों की न्याय यात्रा पर पुलिस का पहरा
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले 30 हजार से अधिक आउटसोर्स और संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी बुधवार को आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आए। मप्र संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर प्रदेशभर से हजारों कर्मचारी राजधानी के जेपी अस्पताल परिसर में एकत्रित हुए। नियमितीकरण सहित 9 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे इन कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
जेपी अस्पताल बना प्रदर्शन का केंद्र
बुधवार सुबह से ही प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों से कर्मचारियों का रेला भोपाल पहुंचने लगा। दोपहर होते-होते जेपी अस्पताल परिसर छावनी में तब्दील हो गया। महिला कर्मचारी जमीन पर बैठकर अपना विरोध जता रही हैं। प्रदर्शन में एड्स कंट्रोल एम्पलाइज यूनियन, संयुक्त डेंगू मलेरिया कर्मचारी संघ और नर्सिंग ऑफिसर एसोसिएशन जैसे बड़े संगठन भी शामिल हैं।
सीएम हाउस कूच की तैयारी, पुलिस ने की बैरिकेडिंग
कर्मचारियों ने संचालक स्वास्थ्य सेवाएं के कार्यालय से मुख्यमंत्री निवास तक ‘न्याय यात्रा’ निकालने का ऐलान किया है। हालांकि, प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए अस्पताल के मुख्य द्वारों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है और बैरिकेडिंग कर दी है। कर्मचारी नेताओं का दावा है कि उन्हें यात्रा की अनुमति मिली है, जबकि पुलिस उन्हें परिसर से बाहर निकलने नहीं दे रही है।
इनका कहना है…
हम पिछले कई वर्षों से 12 से 14 घंटे काम कर रहे हैं, लेकिन हमारा शोषण हो रहा है। हमारी मांग है कि रिक्त पदों पर हमें समायोजित किया जाए और न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये किया जाए। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, हम पीछे नहीं हटेंगे।
सुरेंद्र सिंह कौरव, प्रदेश अध्यक्ष (समस्त स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी महासंघ)







