रीवा। जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक को एक घायल छात्रा की मदद करना और उसे अस्पताल पहुंचाना महंगा पड़ गया। मानवता दिखाते हुए छात्रा को उपचार के लिए ले जाने वाले युवक की, छात्रा के परिजनों और स्कूल प्रबंधन द्वारा अस्पताल के बाहर बेरहमी से पिटाई कर दी गई।
घटना के संबंध में पीड़ित युवक ज्ञानेंद्र साहू, जो ग्राम दुबी, थाना नईगढ़ी का निवासी है, ने आपबीती सुनाई। ज्ञानेंद्र के अनुसार, वह अपनी बाइक से जा रहा था, तभी ढेरा स्थित एक स्कूल के पास अचानक एक छात्रा उसकी बाइक के हैंडल से टकरा गई। टक्कर लगते ही छात्रा सड़क पर गिर गई और घायल हो गई। ज्ञानेंद्र ने भागने के बजाय अपनी जिम्मेदारी समझी और घायल छात्रा को तुरंत उठाकर इलाज के लिए रीवा के विहान हॉस्पिटल लेकर पहुंचा। युवक का उद्देश्य केवल छात्रा को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना था।
जैसे ही छात्रा के परिजन और स्कूल के प्राचार्य अस्पताल पहुंचे, स्थिति तनावपूर्ण हो गई। ज्ञानेंद्र का आरोप है कि उसकी मदद को नजरअंदाज करते हुए छात्रा के पिता, स्कूल के प्राचार्य और उनके साथ आए 2-3 अन्य युवकों ने उसे घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। युवक ने बताया कि उसे गाड़ी में लाते समय भी प्रताड़ित किया गया और अस्पताल के बोर्ड के पास भी उसके साथ जमकर मारपीट की गई। पीड़ित युवक ने अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि जब उसे पीटा जा रहा था, तो गार्ड मूकदर्शक बनकर तमाशा देखते रहे और किसी ने भी उसे बचाने या बीच-बचाव करने का प्रयास नहीं किया।
इसके अलावा, ज्ञानेंद्र ने बताया कि मौके पर पुलिस की डायल 112 गाड़ी भी आई थी, लेकिन पुलिस कर्मियों ने भी हमलावरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि अस्पताल जैसे सुरक्षित स्थान पर भी कोई व्यक्ति सुरक्षित नहीं है और मदद करने के बदले उसे हिंसा का सामना करना पड़ता है।