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नगरीय भूमि सीलिंग की लंबित याचिकाओं पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दी आखिरी चेतावनी: 2 हफ्ते में जवाब दाखिल करें, वरना अफसर पर लगेगा जुर्माना

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 2011 से लंबित जबलपुर के करमेता क्षेत्र से जुड़ी नगरीय सीलिंग भूमि से मुक्ति संबंधित याचिकाओं में राज्य सरकार को सख्त चेतावनी दी है। माननीय न्यायमूर्ति संदीप एन. भट्ट की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि अगर अगली सुनवाई से पहले जवाब दाखिल नहीं किया गया, तो गलती करने वाले अधिकारी पर जुर्माना लगाया जाएगा। यह आदेश याचिकाकर्ताओं सालिगराम आंवले और अन्य याचिकाकर्ताओं के मामले में पारित किया गया है।
इस मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता असीम त्रिवेदी , आनंद शुक्ला, विनीत टेहेनगुनिया, शुभम पाटकर ने पैरवी की । कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अगर निर्धारित समय में जवाब नहीं आया, तो उचित आदेश पारित किया जाएगा, जिसमें गलती करने वाले अधिकारी से जुर्माना वसूला जाएगा ।







