समंदर में अमेरिका का ‘मिसाइल वार’: तीन संदिग्ध नावें राख, 11 की मौत से मचा हड़कंप
“नार्कोटेररिस्ट” तत्वों के खिलाफ अभियान

वाशिंगटन। अमेरिकी सेना ने लैटिन अमेरिकी जलक्षेत्र में ड्रग्स तस्करी के संदेह में तीन नौकाओं पर बड़ा सैन्य हमला किया, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई। इसे ट्रंप प्रशासन के महीनों से चल रहे एंटी-नार्को अभियान के सबसे घातक दिनों में से एक बताया जा रहा है। यह कार्रवाई United States Southern Command की ओर से की गई। कमान के प्रमुख जनरल फ्रांसिस एल. डोनोवन के निर्देश पर समुद्र में मिसाइलें दागी गईं, जिससे तीनों नावें पूरी तरह नष्ट हो गईं।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, पूर्वी प्रशांत महासागर में चार-चार लोगों को ले जा रही दो नावों और कैरेबियन सागर में तीन लोगों को ले जा रही एक नाव को निशाना बनाया गया। हमले में कुल 11 लोगों की मौत हुई। सितंबर की शुरुआत से अमेरिकी सेना कथित “नार्कोटेररिस्ट” तत्वों के खिलाफ अभियान चला रही है। अब तक इस ऑपरेशन में 145 लोगों के मारे जाने की जानकारी दी गई है। तस्करी मार्गों पर करीब 42 हमले किए जा चुके हैं।
हालांकि, सेना ने यह सार्वजनिक नहीं किया कि लक्षित नौकाओं में ड्रग्स होने के ठोस सबूत क्या थे, लेकिन हमलों के वीडियो जारी किए गए हैं, जिनमें नावों को ध्वस्त होते देखा जा सकता है। एक तरफ अमेरिका-ईरान तनाव पर दुनिया की नजर टिकी है, वहीं दूसरी ओर यह समुद्री सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय हलकों में नई बहस छेड़ सकती है।







